महिलाओं के विधिक अधिकारों को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित

बाराबंकी/देवां: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मंशा एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव के निर्देशन में सोमवार को विकासखंड देवा में महिलाओं के सशक्तिकरण एवं विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।शिविर को संबोधित करते हुए सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं के लिए अपने कानूनी अधिकारों और शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है। विधिक जानकारी के अभाव में कई बार महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने महिलाओं से स्वयं जागरूक होने के साथ ही आसपास की अन्य महिलाओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना नहीं, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून की जानकारी देकर उन्हें मजबूत बनाना भी है।शिविर में जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह, खंड विकास अधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी नेहा सहित अन्य अधिकारी तथा पीएलवी मौजूद रहे।अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं महिलाओं को महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज प्रथा तथा महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

जिला कारागार में भी लगा विधिक जागरूकता शिविर
इसके अलावा जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों के अधिकारों को लेकर भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें बंदियों को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा न्याय प्राप्त करने के लिए उपलब्ध विधिक प्रावधानों की जानकारी दी गई। सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने कहा कि कानून की नजर में प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार प्राप्त हैं।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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