खो-खो स्पोर्टस प्रोमोशन वेल्फेयर एसोसिएशन ग्रामीण स्तर तक खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी

बाराबंकी : खो-खो स्पोर्टस प्रोमोशन वेल्फेयर एसोसिएशन ग्रामीण स्तर तक खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। एसोसिएशन उन्हें बेहतरीन खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ मार्गदर्शन देगी ताकि युवाओं और खासकर बेटियों को खो-खो के जरिए अच्छे अवसर मिल सकें। इसके लिए ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर खो-खो की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी। उक्त विचार बाराबंकी खो-खो स्पोर्टस प्रोमोशन वेल्फेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष अपर्णा मिश्रा ने मंगलवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान व्यक्त किए। नगर के एक प्रतिष्ठित होटल में पत्रकारों से रूबरू होते हुए अपर्णा मिश्रा ने कहा कि खो-खो भारत का एक पारंपरिक और अत्यंत तेज़ गति वाला दौड़ और पीछा करने का खेल (Running–Chasing Sport) है। खो-खो की जड़ें भारत की पारंपरिक खेल संस्कृति में मानी जाती हैं।उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में खो-खो में ज़बरदस्त बदलाव आया है, जो खेल कभी मिट्टी पर खेला जाता था, वह अब एक तेज़, ग्लोबल और मैट-बेस्ड खेल बन गया है, इसकी ब्रॉडकास्ट वैल्यू और इंटरनेशनल स्ट्रक्चर है। खो-खो 61 देशों में खेला जा रहा है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता इसके बढ़ते दर्शकों की संख्या से साफ़ पता चलता है कि अब यह क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में लगातार दूसरे या तीसरे स्थान पर है। इसके 3,500 से ज़्यादा खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स कोटे के तहत सरकारी नौकरी या यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिला है। अपर्णा मिश्रा ने बताया कि लीग ने खो-खो के बारे में लोगों की सोच पूरी तरह बदल दी। अब यह सिर्फ़ ग्रामीण खेल नहीं रहा—यह मॉडर्न, रोमांचक और सम्मानित खेल बन गया है।" अब यह खेल राज्य और ज़िला स्तर की लीग तक भी पहुँच रहा है। 2030 तक कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में, और 2032 तक ओलंपिक्स में खो-खो शामिल होने की उम्मीद है।  इस खेल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी में महिलाओं की भूमिका अहम होगी। उन्होंने कहा कि जिले में खो-खो के होनहार खिलाड़ियों को दुनिया में चमकाने के उद्देश्य से बाराबंकी खो-खो स्पोर्ट्स वेल्फेयर एसोसिशन, राज्य खो-खो स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक सिंह के निर्देश और सहयोग से पूरी तन मन से कार्य करेगी। हम खो-खो को जिला स्तर से लेकर ग्रामीण स्तर तक ले जाने के लिए एक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं। हमारी योजना है कि हम दिसंबर में ग्रामीण स्तर पर खो-खो की प्रतियोगिता आयोजित करें। ताकि खो-खो के जरिए जिले प्रतिभाएं भविष्य में आगे बढ़ सकें और फिट और स्वस्थ्य रहें। हम खिलाड़ियों के हर तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर और मार्ग दर्शन देने की कोशिश करेंगे। इसके लिए हम आप सब से भी सहयोग की अपेक्षा रखते हैं।

रिपोर्टर - नफीस अहमद

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