विद्युत विभाग की मनमानी से जनता में आक्रोश, रोस्टिंग और फॉल्ट के नाम पर कई घंटों की अघोषित कटौती
फतेहपुर/बाराबंकी : बाराबंकी जनपद के फतेहपुर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत विभाग की कार्यशैली से आम जनता बुरी तरह त्रस्त हो चुकी है। विभाग द्वारा रोस्टिंग और फॉल्ट का हवाला देकर कई-कई घंटे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। आलम यह है कि जरा सी हवा चलने या हल्की बूंदाबांदी होते ही पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो जाती है और घंटों तक नहीं आती।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। दिन में कई बार रोस्टिंग के नाम पर घंटों लाइट काट दी जाती है। रात में भी यही हाल रहता है। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली न आने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, स्कूली छात्र और गंभीर मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा के काम तक प्रभावित हो रहे हैं।
व्यापारी वर्ग में भी इसको लेकर भारी नाराजगी है। बिजली न आने से कस्बे के बाजारों में कारोबार ठप सा हो जाता है। वेल्डिंग, आटा चक्की, आरा मशीन और अन्य छोटे उद्योग धंधे बंद पड़े हैं। किसानों को भी सिंचाई के लिए बिजली न मिलने से फसलों को नुकसान होने की आशंका सता रही है।
लोगों का आरोप है कि जब इस संबंध में संबंधित जेई और लाइनमैन से शिकायत की जाती है तो वे फॉल्ट ठीक करने का आश्वासन देकर टाल देते हैं, लेकिन घंटों तक कोई सुनवाई नहीं होती। तारों के जर्जर होने और ट्रांसफार्मरों में क्षमता से अधिक लोड होने के कारण आए दिन फॉल्ट की समस्या बनी रहती है, लेकिन विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्र की जनता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों में निर्बाध और रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं, इसके बावजूद फतेहपुर विद्युत उपकेंद्र पर प्रदेश मुखिया के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जनताने रिपोर्टर के माध्यम से जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर विद्युत आपूर्ति को सुचारू कराया जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों को इस भीषण समस्या से निजात मिल सके।
लेकिन समस्या ये है की कोई जवाब देने वाला भी नहीं कर्मचारियों और अधिकारीयों के नम्बर एक बिज़ी, या कवरेज़ क्षेत्र से बाहर, कभी स्विच ऑफ, मिलते है जनता का कहना की स्मार्ट मीटर ज़रूरी थे या स्मार्ट लाइट व्यवस्था।
रिपोर्टर : नफीस अहमद
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