बबुरी गांव में मकान गंवाने वाली महिला को 1.20 लाख और तीन परिवारों को आठ-आठ हजार रुपये की सहायता

सिरौलीगौसपुर - बाराबंकी सरयू नदी का जलस्तर और रौद्र रूप धीरे-धीरे कम हो रहा है, हालांकि घुटरू, सिरौलीगुंग और कोठीडीहा गांवों में नदी की आंशिक कटान अब भी जारी है। कटान से प्रभावित किसानों और परिवारों को राहत देने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से मुआवजा राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। प्रशासन के अनुसार, नदी की कटान से प्रभावित 131 किसानों को करीब आठ लाख रुपये का मुआवजा उनके खातों में भेज दिया गया है। वहीं, 12 अन्य किसानों की लगभग 10 बीघा कृषि भूमि की कटान से संबंधित विवरण की फीडिंग कर मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है। बताते चलें कि सरयू नदी की कटान से बबुरी गांव में एक पक्का मकान और तीन झोपड़ियां बह गई थीं। मकान और झोपड़ियां गंवाने वाले चार प्रभावित लोगों के खातों में तहसील प्रशासन की ओर से सहायता राशि भेज दी गई है। बबुरी गांव की कुंजा का पक्का मकान नदी में समा गया था। उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं, अयोध्या, कृपाल और घूरा के छप्पर व मड़हे बह जाने पर तीनों के खातों में आठ-आठ हजार रुपये की सहायता भेजी गई है। कटान से प्रभावित बबुरी, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग और घुटरू गांवों के किसानों में जितेंद्र बहादुर सिंह, जोगेंद्र, बृजराज, महेंद्र बहादुर सिंह, कृपाल, सोना और महेश समेत कुल 131 किसानों को मुआवजा मिल चुका है। शेष 12 किसानों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है। नदी की कटान से प्रभावित परिवारों और किसानों को राहत मिलने से उन्हें कुछ आर्थिक सहारा मिला है। अब शेष प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलने का इंतजार है।

रिपोर्टर - नफीस अहमद

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