स्नातक निर्वाचन में मतदान को लेकर अधिवक्ताओं ने की बैठक

बाराबंकी : स्नातक निर्वाचन लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा शिक्षित समाज की आवाज को उचित मंच प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी पंजीकृत स्नातक मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उक्त बात अधिवक्ता अनमोल मिश्रा व उनके अधिवक्ता साथियों ने बैठक में स्नातक मतदाताओं से अपील करते हुए कहीं उन्होंने कहा कि वे मतदान को केवल एक अधिकार न समझें, बल्कि इसे अपने सामाजिक दायित्व के रूप में भी स्वीकार करें। कहा कि जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र की वास्तविक ताकत हैं। प्रत्येक मत का अपना महत्व है और सोच-समझकर किया गया मतदान भविष्य की दिशा निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाता है।उन्होंने कहा कि मतदान करते समय प्रत्याशी की योग्यता, ईमानदारी, कार्यक्षमता, जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता तथा शिक्षित बेरोजगारों और युवाओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जाति, व्यक्तिगत संबंधों अथवा किसी प्रलोभन से ऊपर उठकर योग्य प्रतिनिधि का चयन करना समय की आवश्यकता है। श्री मिश्रा ने सभी पंजीकृत स्नातक मतदाताओं से आह्वान किया कि वे स्वयं मतदान करें और अपने परिवार, मित्रों तथा अन्य पात्र मतदाताओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।ताकि लोकतंत्र में शिक्षित समाज की भागीदारी और अधिक प्रभावशाली बन सके।उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र की नींव जागरूक मतदाता हैं। बाराबंकी स्नातक निर्वाचन में मतदान के महत्व एवं शिक्षित समाज की भागीदारी को लेकर अधिवक्ता साथियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अभय शुक्ला, उमाशंकर शर्मा, गौरव त्रिपाठी, संदीप यादव, राजन वर्मा, इंद्रजीत यादव, शशिकांत शुक्ला, शिवमोहन कुमार, अखिलेश मिश्रा, पुनीत कुमार, अनिल यादव, दुर्गेश तिवारी, यश मिश्रा एवं अनमोल मिश्रा सहित अन्य अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर : नफीस अहमद

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