इमामे-क़ौम फ़क़त अपने फायदे के लिए, अमीरे-शहर को झुककर सलाम करता है
फतेहपुर, बाराबंकी : बीती रात कस्बा बेलहरा में ज़ाहिद कुरैशी के आवास पर एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी सरपरस्ती उस्ताद शायर एडवोकेट अहमद सईद हर्फ़ ने की और अध्यक्षता ज़ाहिद कुरैशी ने की जबकि संचालन जुबेर इदरीसी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में सिराज जमाल और मुशताक मेम्बर ने शिरकत की। एडवोकेट अहमद सईद ने पढ़ा- इमामे-क़ौम फ़क़त अपने फायदे के लिए, अमीरे-शहर को झुककर सलाम करता है। हस्सान साहिर ने पढ़ा- जदीद दौर है करना भरोसा सोच के आप, हर एक शख्स यहाँ मोतबर नहीं होता। जुबेर इदरीसी ने पढ़ा- वक़्त की बात है जो प्यास से बेचैन हैं हम, खुश्क दरिया में चलो रेत निचौड़ी जाए। रिज़वान जमाली ने पढ़ा- अमीरे शहर अगर बदखिसाल होता है, तो फिर अवाम का जीना मोहाल होता है। शादाब अनवर ने पढ़ा- वो भी दिल से जवाब देता है कब, हम भी रस्मन सलाम करते हैं। इसके अलावा आज़ाद बेलहरवी, सबाहुद्दीन हामी, हारून अफसर महमूदबादी, इसराईल फौक, हाफिज ज़ीशान ने भी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर इसराईल खान, रब्बानी, मोहम्मद ज़ीशान, मोहम्मद मुजीब, ग़ौस खान आदि श्रोता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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