तहसील फतेहपुर मेँ सचिवालय के अधिकारीयों ने लिया प्रशिक्षण,अधिकारियो ने दी काम काज की जानकारी
फतेहपुर - बाराबंकी सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंध संस्थान, नई दिल्ली के वर्ष 2025 बैच के 80 सहायक अनुभाग अधिकारियों ने मंगलवार को तहसील फतेहपुर पहुंचकर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण प्राप्त किया। असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. राजकिशोर के नेतृत्व में आए अधिकारियों ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई। इसके बाद तहसील सभागार में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में एसडीएम कार्तिकेय सिंह और नायब तहसीलदार आशुतोष उपाध्याय ने राजस्व प्रशासन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत में अधिकारियों ने चकिया और ददैरा गांव का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व विभाग की भूमिका, भूमि संबंधी कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। गांवों के भ्रमण के बाद सभी अधिकारी तहसील फतेहपुर परिसर पहुंचे। यहां सभागार में एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने उन्हें राजस्व विभाग के कार्यों, न्यायिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया।
एसडीएम ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों का पद और उनकी जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में भूमि विवादों का निष्पक्ष निस्तारण, शिकायतों का समयबद्ध समाधान और न्यायालयों में लंबित वादों की सुनवाई प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं। उन्होंने कृषि भूमि से जुड़े विवादों के निस्तारण, कुर्रा बंटवारा वादों की प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के अधिकारों एवं शक्तियों के बारे में जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। एसडीएम ने बताया कि शिकायतों का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि शिकायतकर्ता को प्रभावी राहत मिल सके। इसके साथ ही एसडीएम न्यायालय और तहसीलदार न्यायालय में आने वाले राजस्व वादों, उनकी सुनवाई तथा निस्तारण की प्रक्रिया को भी समझाया गया। अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका एसडीएम ने विस्तार से जवाब दिया। इस दौरान भारत की जनगणना से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
न्यायालयों में पहुंचकर देखी कार्यप्रणाली
नायब तहसीलदार आशुतोष उपाध्याय ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व विभाग के दैनिक कामकाज और न्यायालयों की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने फाइलों के रखरखाव, वादों से संबंधित अभिलेखों, सुनवाई की प्रक्रिया और मामलों के निस्तारण के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। इसके बाद प्रशिक्षणार्थियों ने एसडीएम न्यायालय और नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। अधिकारियों ने न्यायालयों में होने वाली सुनवाई और अभिलेखों के निस्तारण की प्रक्रिया को करीब से समझा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को राजस्व प्रशासन की व्यावहारिक कार्यप्रणाली, भूमि विवादों के समाधान और न्यायालयों से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी देना रहा, जिससे वे अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें।
रिपोर्टर - नफीस अहमद
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