42 लाख रुपये के मुआवजे के विवाद में बहन की हत्या, सगा भाई और भाभी गिरफ्तार
बाराबंकी : रामनगर थाना क्षेत्र के महादेवा गांव में 42 लाख रुपये के मुआवजे के विवाद में हुई मंजू की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने मृतका के सगे भाई संदीप और उसकी पत्नी शीतल उर्फ मायावती को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक ईंट भी बरामद की है।पुलिस के अनुसार, ग्राम महादेवा निवासी मंजू (42) की हत्या के मामले में एक नवंबर को उसकी बहन वंदना पत्नी ओमप्रकाश निवासी बिंदौरा परसपुर ने थाना रामनगर में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि मंजू की हत्या उसके भाई संदीप और भाभी शीतल ने ईंट से प्रहार कर की है। पुलिस ने मामले में मुकदमा अपराध संख्या 448/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था।पुलिस अधीक्षक बाराबंकी रवीना त्यागी के निर्देश पर घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वाट, सर्विलांस और थाना रामनगर पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। संयुक्त टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और डिजिटल डेटा की मदद से जांच करते हुए तीन नवंबर को गजपतिपुर मोड़ के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
42 लाख रुपये का मुआवजा बना विवाद की वजह।
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपी संदीप का मकान महादेवा कॉरिडोर में चला गया था, जिसके एवज में उसे करीब 42 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। पुलिस का दावा है कि संदीप अपनी बहन मंजू को इस मुआवजे की रकम में हिस्सा नहीं देना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश थी।पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते संदीप और उसकी पत्नी शीतल ने 30 अक्टूबर को मंजू की हत्या की योजना बनाई। दोपहर के समय जब मंजू रसोई में खाना बना रही थी, तभी दोनों ने कथित रूप से रसोई में रखी ईंट से उसके सिर और मुंह पर कई बार वार किए, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार संदीप के विरुद्ध पूर्व में भी मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं शीतल उर्फ मायावती के विरुद्ध भी पूर्व के मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दोनों के विरुद्ध मंजू हत्याकांड का मुकदमा भी दर्ज है।इस हत्याकांड के खुलासे में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित त्रिपाठी, सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह तथा थाना रामनगर प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की है। घटना के खुलासे के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिपोर्टर : नफीस अहमद

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