शहर में ‘ब्रांडेड घी’ के नाम पर गुमराह करने का खेल
बारां : शहर में घी के नाम पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने का खेल अब खुलकर चल रहा है। पैकेट पर बड़े-बड़े ब्रांड नाम, देवी-भूमि, देसी और शुद्ध जैसे शब्दों से भरोसा बेचा जा रहा है, लेकिन असली जानकारी इतनी छोटी लिखी जाती है कि आम आदमी की नजर ही न पड़े।
नाम “पवित्र”, पैकिंग “शानदार”… और अंदर क्या है, यह जानना ग्राहक की जिम्मेदारी बना दी गई है।
रसोई में विज्ञापन नहीं, जांच चाहिए।
क्या देखें खरीदते समय
पैकेट पर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) का लाइसेंस नंबर साफ-साफ दर्ज हो।
Ingredients में बिना घुमाव-फिराव के लिखा हो — केवल घी / मिल्क फैट।
निर्माण तिथि, बैच नंबर और निर्माता का पूरा पता जरूर हो।
क्यों जरूरी है यह सावधानी
क्योंकि आज बारां में घी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, सीधे सेहत के लिए खरीदा जा रहा है।
और जब पैकेट पर पूरी जानकारी छिपाकर दिखाई जाए, तो यह सीधा-सीधा उपभोक्ता के भरोसे से खिलवाड़ है।
यह गलती नहीं, तरीका बन चुका है।
प्रशासन से सीधा सवाल
क्या खाद्य सुरक्षा विभाग को यह नहीं दिख रहा कि बाजार में भ्रामक नामों और लेबल के सहारे घी बेचा जा रहा है?
क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी, या दुकानों और सप्लाई तक पहुंचेगी?
जनहित में तीखी अपील
घी खरीदते समय नाम देखकर खुश मत होइए,
पैकेट पलटकर पढ़िए।
क्योंकि आज बारां में
घी नहीं, भरोसा बेचा जा रहा है… और कीमत आपकी सेहत चुका रही है।
रिपोर्टर : पंकज राठौर

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