“236 गांव को राहत, कुंडी गांव से नाइंसाफी — क्या सरकार की नजर में ये गांव नहीं आता?”
बारां : शाहाबाद क्षेत्र में 236 गांवों को राजस्व पोर्टल पर ऑनलाइन कर प्रशासन डिजिटल उपलब्धि का दावा कर रहा है। लेकिन इसी क्षेत्र की किशनगंज पंचायत समिति का कुंडी गांव आज भी इस सुविधा से वंचित है। एक ओर जहां आसपास के गांवों के किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, वहीं कुंडी गांव के किसान अब भी सिस्टम से बाहर खड़े नजर आ रहे हैं।
कुंडी गांव के किसान देवप्रकाश जयंती का कहना है कि जब आसपास के सभी गांव ऑनलाइन हो चुके हैं, तो उनका गांव अब तक क्यों पीछे है। उन्होंने बताया कि फसल पंजीकरण नहीं होने के कारण उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा और बार-बार पटवारी व अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और अब यह मुद्दा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब 236 गांवों को ऑनलाइन किया जा सकता है, तो कुंडी गांव को क्यों नजरअंदाज किया गया। क्या यह सिर्फ तकनीकी कमी है या फिर प्रशासनिक उदासीनता?
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कुंडी गांव को जल्द से जल्द राजस्व पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
डिजिटल इंडिया के दावों के बीच एक गांव का इस तरह पीछे छूट जाना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। कुंडी गांव के किसान आज भी इंतजार में हैं कि कब उनका गांव भी सिस्टम में शामिल होगा और उन्हें भी बाकी गांवों की तरह सुविधाएं मिल पाएंगी।
रिपोर्टर : पंकज राठौर

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