प्रदेश में भर्ती पर बवाल: बारां से नागौर तक गड़बड़ियों की गूंज, सरकार सख्त
बारां : राजस्थान में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भर्ती अब बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है। बारां में सामने आई अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के बीच नागौर में रिश्तेदारों के चयन का मामला उजागर होने से पूरे प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बारां में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने साफ संकेत दिए कि सरकार अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। विकास कार्यों की समीक्षा के साथ ही उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर काम गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ पूरा हो। इसी दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक भर्ती में अनियमितताओं की बात सामने आते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि दोषियों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा।
जिला कलेक्टर रोहिताश सिंह तोमर ने भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया की पूरी तरह निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर एक शिकायत और विसंगति की गहराई से पड़ताल की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बारां शहर में भी अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं नागौर से सामने आए मामले ने पूरे विवाद को और हवा दे दी है, जहां एक ही परिवार के कई सदस्यों के चयन और रिश्तेदारों को प्राथमिकता देने के आरोप लगे हैं।
इन दोनों मामलों ने मिलकर पूरे प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है।
प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने स्पष्ट कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच के बाद जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच के बाद इस भर्ती में बड़े खुलासे होंगे और क्या वास्तव में जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो पाएगी, या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा।
रिपोर्टर : पंकज राठौर
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