बालाजी नगर व विजयनगर में गोदाम-कारखानों से जनजीवन प्रभावित

बारां : बारां शहर की आवासीय कॉलोनियों, खासतौर पर बालाजी नगर और विजयनगर 80 फीट रोड क्षेत्र में, बड़े पैमाने पर कमर्शियल व औद्योगिक गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आ रहा है। जिन क्षेत्रों को मूल रूप से रहने के लिए विकसित किया गया था, वहीं अब गोदाम और छोटे-छोटे कारखाने चल रहे हैं, जिससे न केवल स्थानीय लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि नगर परिषद के राजस्व और नियमन व्यवस्था पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
जमीन पर स्थिति यह है कि आवासीय इलाकों में बिना अनुमति गोदाम, स्टॉकिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और औद्योगिक गतिविधियां चल रही हैं, जिसके कारण गलियों में भारी वाहनों की नियमित आवाजाही बनी रहती है और पूरे क्षेत्र का स्वरूप बदल चुका है।
स्थानीय लोगों को रोजाना कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दिन-रात ट्रकों की आवाजाही से ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा बढ़ गया है। धूल, धुआं और शोर से स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, वहीं आगजनी या शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है। परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता है। निवासियों का कहना है कि रिहायशी कॉलोनी अब गोदाम क्षेत्र में बदलती जा रही है और हर समय माल की आवाजाही बनी रहती है।
यह पूरा मामला नगर परिषद के लिए भी बड़ा नुकसान साबित हो रहा है। कई संपत्तियां आवासीय श्रेणी में दर्ज हैं, लेकिन उनका उपयोग कमर्शियल और औद्योगिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जिससे टैक्स का सीधा नुकसान हो रहा है। बिना लैंड यूज कन्वर्जन और बिना अनुमति व्यापारिक गतिविधियां चलना नियमों का उल्लंघन है। इससे उन व्यापारियों के साथ भी अन्याय होता है जो नियमों के अनुसार टैक्स और अनुमति लेकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा सड़कों, नालियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे नगर परिषद का खर्च बढ़ रहा है लेकिन आय नहीं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह स्थिति नगर परिषद की अनदेखी या ढिलाई के कारण बनी हुई है, जिसके चलते धीरे-धीरे पूरी कॉलोनियां अनियोजित कमर्शियल जोन में बदलती जा रही हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध गोदामों और कारखानों की तत्काल जांच की जाए, बिना अनुमति चल रहे यूनिट्स पर सख्त कार्रवाई करते हुए नोटिस या सीलिंग की जाए, और लैंड यूज नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आवासीय क्षेत्रों की शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
शहर का संतुलित विकास तभी संभव है जब आवासीय और व्यावसायिक सीमाओं का स्पष्ट पालन हो।

रिपोर्टर : पंकज राठौर 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.