नहर बनी ‘3 फीट की नाली’, दर्जनों गांवों की सिंचाई ठप
बरेली - थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र के ग्राम चंदपुर बिचपुरी में नहर पर कथित अवैध छेड़छाड़ का मामला अब बड़ा रूप ले चुका है। किसानों ने शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया है कि नहर को जानबूझकर पाटकर उसकी चौड़ाई घटा दी गई, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और दर्जनों गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। शिकायत के बाद हुई जांच में संबंधित जूनियर इंजीनियर ने खुद स्वीकार किया है कि नहर की चौड़ाई घटाकर करीब 3 फीट कर दी गई और इसे रास्ते के हिसाब से समायोजित किया गया है। इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि इससे साफ होता है कि नहर को उसके मूल स्वरूप से बदलकर लगभग नाले में तब्दील कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि नहर के किनारे सड़क से सटे एक शादी हॉल को सुरक्षित रखने के लिए यह पूरा खेल रचा गया। नहर में मिट्टी डालकर उसे संकरा किया गया, ताकि रास्ता और निर्माण को कोई खतरा न हो। लेकिन इस प्रक्रिया में नहर की जलधारा बाधित हो गई, जिससे खेतों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है।
मामले में सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण के आरोप लगे हैं। गाटा संख्या 524 मिल्कियत सरकार 3790 वर्गमीटर और गाटा संख्या 470 मिल्कियत सरकार 8850 वर्गमीटर की जमीन पर नहर को पाटने और बदलने का आरोप किसानों ने लगाया है।
नहर के इस हालात का सीधा असर किसानों पर पड़ा है। फसलें सूखने लगी हैं और आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है, लेकिन अभी तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने निष्पक्ष जांच, नहर को तत्काल बहाल करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल,नहर से नाला बने इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।
रिपोर्टर - बी.एस.चन्देल
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