दिव्यांगजनों को मिलेगी नई राह, बरेली में 11 अक्टूबर को एनएसएस और एसडब्ल्यूएस का विशाल निःशुल्क शिविर
बरेली : आधुनिक तकनीक आधारित कृत्रिम अंग, निःशुल्क शल्य चिकित्सा और पुनर्वास सेवाओं के जरिए दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर एवं शिवम वेलफेयर सोसायटी, बरेली के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 11 अक्टूबर को विशाल निःशुल्क दिव्यांग शल्य चिकित्सार्थ जांच-चयन एवं नारायण लिंब माप शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर के लिए अब तक 350 से अधिक दिव्यांगजनों का प्री-रजिस्ट्रेशन हो चुका है। शिविर स्पर्श होटल एंड रिजॉर्ट, पीलीभीत बाईपास रोड, सुरेश शर्मा नगर चौराहा, बरेली में होगा। पंजीयन एवं जांच प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी, जबकि उद्द्घाटन समारोह सुबह 10 बजे होगा। शिवम वेलफेयर सोसावदी की अध्यक्ष डॉ. रंजना गुप्ता ने बताया कि शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल सहारा देना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ पुनर्वास सेवाओं से जोड़कर सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाना है। दुर्घटना, बीमारी अथवा अन्य कारणों से हाथ-पैर गंवा चुके दिव्यांगजनों के लिए संस्थान की विशेषज्ञ टीम शरीर की जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग तैयार करने के लिए आधुनिक तकनीक से माप लेगी।
उन्होंने बताया कि शिविर में नारायण सेवा संस्थान की विशेषज्ञ प्रोस्थेटिक एवं ऑर्थोटिक टीम दिव्यांगजनों की जांच कर कृत्रिम अंग के लिए सटीक माप लेगी। प्राप्त माप के आधार पर लगभग दो माह बाद आयोजित होने वाले शिविर में लाभार्थियों को मॉड्यूलर कृत्रिम अंग निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे दिव्यांगजनों को गतिशीलता बढ़ाने के साथ दैनिक गतिविधियों में सुविधा और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।
शिविर में ऐसे दिव्यांगजनों की भी पहचान की जाएगी, जिन्हें शल्य चिकित्सा से लाभ मिल सकता है। विशेषज्ञ चिकित्सकीय परीक्षण के बाद चयनित दिव्यांगजनों की सर्जरी नारायण सेवा संस्थान के उदयपुर स्थित अत्याधुनिक अस्पताल में निःशुल्क की जाएगी। इस प्रकार जांच, चयन, उपचार, कृत्रिम अंग और पुनर्वास को एक समन्वित सेवा प्रक्रिया के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
नारायण सेवा संस्थान के शिविर संयोजक राजमल शर्मा ने बताया कि शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों के लिए निःशुल्क भोजन, चाय एवं अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी दिव्यांगजन के उपचार, कृत्रिम अंग या पुनर्वास में बाधा न बने। शिविर के दौरान सेवा कार्यों में सहयोग देने वाले भामाशाह एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम में बरेली के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक , मौजूद रहेंगे। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बरेली एवं आसपास के क्षेत्रों के अधिक से अधिक दिव्यांगजनों से शिविर में पहुंचकर लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग सशक्तिकरण का उद्देश्य केवल सहायता पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रत्येक दिव्यांगजन को सम्मान के साथ जीवन जीने, अपने पैरों पर खड़े होने और अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना है। शिविर में आने वाले दिव्यांगजन अपने साथ आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा दिव्यांगता दर्शाते हुए दो पासपोर्ट साइज फोटो अवश्य लेकर आएं। शिविर संबंधी जानकारी के लिए नारायण सेवा संस्थान की हेल्पलाइन 70235-09999 एवं 78293-00000 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. रंजना गुप्ता एवं राजमल शर्मा ने शिविर का पोस्टर जारी कर आयोजन की जानकारी दी।
तकनीक से सेवा को मिला नया आयाम उल्लेखनीय है कि नारायण सेवा संस्थान वर्ष 1985 से दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत है। संस्थापक पद्मश्री कैलाश 'मानव' की प्रेरणा से शुरू हुई सेवा यात्रा आज आधुनिक तकनीक, चिकित्सा विशेषज्ञता और पुनर्वास सेवाओं के व्यापक स्वरूप तक पहुंच चुकी है। संस्थान द्वारा अब तक देश-विदेश में 40,809 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जबकि 4,55,593 से अधिक दिव्यांगजनों की निःशुल्क चिकित्सा की जा चुकी है। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को वर्ष 2023 में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
रिपोर्टर : बी.एस.चन्देल

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