बस्तर में स्वास्थ्य क्रांति: 15 नई एंबुलेंसों को हरी झंडी, आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी नई रफ़्तार
जगदलपुर : बस्तर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। जिले के ऐतिहासिक महारानी अस्पताल में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान 15 नई एंबुलेंस का लोकार्पण किया गया। इन एंबुलेंसों के सड़क पर उतरने से न केवल शहरी बल्कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी मरीजों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिल सकेगा।
पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार के साथ की गई। अतिथियों द्वारा फीता काटकर एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाई गई और उन्हें जनसेवा के लिए रवाना किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'गोल्डन ऑवर' (आपातकाल के शुरुआती समय) में मरीज को अस्पताल पहुँचाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर शहर के जनप्रतिनिधियों और चिकित्सा विशेषज्ञों का जमावड़ा रहा:
जनप्रतिनिधि: महापौर संजय पांडे, एमआईसी सदस्य निर्मल पाणिग्रही, लक्ष्मण झा और संजय विश्वकर्मा।
चिकित्सा अधिकारी: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, डॉ. सी. मैत्री, डॉ. रीना लक्ष्मी, डॉ. नीरज ओझा और डॉ. गोविंद सिंह।
अन्य गणमान्य: पीडी बस्तिया, महेंद्र पांडे, सूरज श्रीवास्तव सहित महारानी अस्पताल का समस्त नर्सिंग और प्रशासनिक स्टाफ।
स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इन 15 नई एंबुलेंसों के आने से जिले की रेफरल प्रणाली मजबूत होगी। बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में, जहाँ कई इलाके आज भी पहुंच मार्ग की समस्या से जूझ रहे हैं, ये एंबुलेंस जीवनदायिनी सिद्ध होंगी।
"ये एंबुलेंस सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि बस्तर के आम जनमानस के लिए उम्मीद की किरण हैं। हमारा प्रयास है कि किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सा सहायता पहुंचने में देरी न हो।कार्यक्रम के दौरान मुख्य संदेश ।
रिपोर्टर : विवेक सोनवानी


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