बेल पत्र का इन 5 तरीकों से करे इस्तेमाल, सेहत के साथ स्वाद का कॉम्बिनेशन
बेल पत्र को हम में से ज़्यादातर लोग सिर्फ पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय जीवनशैली में इसका महत्व कहीं ज़्यादा गहरा है। बेल का पेड़ जितना धार्मिक रूप से पवित्र माना जाता है, उतना ही औषधीय गुणों से भरपूर भी होता है। इसके पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ठंडक देने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, ब्लड शुगर को संतुलित रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि बेल पत्र को रोज़मर्रा की डाइट में कई आसान और स्वादिष्ट तरीकों से शामिल किया जा सकता है।

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग ऐसी चीज़ें चाहते हैं जो नेचुरल भी हों और सेहत के साथ-साथ स्वाद भी दें। बेल पत्र इस जरूरत पर बिल्कुल फिट बैठता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने में भी मदद करता है और गर्मियों में लू से बचाव करता है।
1. बेल पत्र की हर्बल चाय (डिटॉक्स टी)
बेल पत्र की हर्बल चाय पाचन के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। अगर इसे रोज़ सुबह खाली पेट पिया जाए तो गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। इसके लिए 4–5 ताज़े बेल पत्र धोकर हल्का तोड़ लें और एक गिलास पानी में 5–7 मिनट तक उबालें। छानकर इसमें थोड़ा शहद या नींबू मिला सकते हैं। यह चाय मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाने में मदद करती है।
2. बेल पत्र की चटनी
शिवरात्रि के समय आसानी से मिलने वाले बेल पत्र से आप हेल्दी चटनी बना सकते हैं। बेल पत्र, हरा धनिया, पुदीना, अदरक, हरी मिर्च, नींबू रस और थोड़ा सेंधा नमक पीस लें। यह चटनी न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत करती है, भूख बढ़ाती है और गर्मियों में शरीर को ठंडक देती है।
3. बेल पत्र का काढ़ा
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए बेल पत्र का काढ़ा बेहद फायदेमंद हो सकता है। बेल पत्र में विटामिन A, C, B1, B6, कैल्शियम, फाइबर और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। बेल पत्र के साथ तुलसी, अदरक और काली मिर्च उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो छानकर पी लें। स्वाद कड़वा लगे तो थोड़ा शहद मिला सकते हैं। यह काढ़ा बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम से बचाव करता है।
4. बेल पत्र का पाउडर
बेल पत्र को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। यह पाउडर गर्मियों में बेहद उपयोगी होता है। छाछ या दही में मिलाकर इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है, एसिडिटी कम होती है और पेट की जलन व भारीपन से राहत मिलती है।
5. बेल पत्र का डिटॉक्स वॉटर
डिटॉक्स वॉटर के तौर पर भी बेल पत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए रात में 2–3 बेल पत्र एक बोतल पानी में भिगो दें। सुबह से दिनभर इस पानी को पिएं। इससे शरीर को नेचुरल ठंडक मिलती है और टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिलती है।
जरूरी सलाह: गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग बेल पत्र का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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