लेह-लद्दाख में दर्दनाक हादसा: साठी के दो मजदूरों की मलबे में दबकर मौत
लेह-लद्दाख में दर्दनाक हादसा: साठी के दो मजदूरों की मलबे में दबकर मौत, गांव में पसरा मातम
रोजी-रोटी की तलाश में गए थे दोनों मजदूर, चार मंजिला भवन का हिस्सा गिरने से गई जान; परिजनों ने सरकार से मुआवजे और शव जल्द घर लाने की लगाई गुहार
बेतिया/ साठी (पश्चिम चम्पारण)- लौरिया प्रखंड की धमौरा पंचायत अंतर्गत बौद्ध टोला लछनौता गांव के दो मजदूरों की लेह-लद्दाख में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। दोनों मजदूर चार मंजिला भवन के निर्माण कार्य में लगे थे। इसी दौरान अचानक भवन का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया, जिससे दोनों मलबे में दब गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान साठी थाना क्षेत्र के बौद्ध टोला लछनौता गांव निवासी मोहम्मद फारूक (पिता- स्वर्गीय कुरेश देवान) एवं वजीर बैठा (पिता- इमाम मियां) के रूप में हुई है। दोनों विवाहित थे और अपने परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी।
परिजनों के अनुसार, मोहम्मद फारूक अपने पीछे चार बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं, जबकि वजीर बैठा की डेढ़ वर्ष की एक मासूम बेटी है। दोनों अत्यंत गरीब परिवार से थे और बेहतर रोजी-रोटी की तलाश में लेह-लद्दाख मजदूरी करने गए थे।
हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों ही अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मौत से परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई है।
मृतकों के परिजनों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दोनों के शवों को जल्द से जल्द सुरक्षित उनके पैतृक गांव पहुंचाया जाए। साथ ही, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, सरकारी सहायता तथा आश्रितों के लिए रोजगार की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके जीवन-यापन में आर्थिक संबल मिल सके।
बेतिया से विनोद कुमार की रिपोर्ट
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