चिचोली के सिपलाई गाँव की गौशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार,लगातार हो रही गायों की मौतें

चिचोली : प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर गोवंश की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े करती दिख रही है। विकासखंड चिचोली के देवपुर-कोटमी ग्राम पंचायत अंतर्गत सिपलाई गाँव की गौशाला में हालात बेहद दयनीय बने हुए हैं।

गौशाला प्रबंधन की लापरवाही के चलते लगातार गायों की मौतें हो रही हैं। चारा-पानी की कमी, उचित उपचार का अभाव और साफ-सफाई की ढीली व्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है। मौके पर कई गायें मृत अवस्था में मिलीं, जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

महिला समूह चलाते हैं गौशाला, लेकिन संसाधन नगण्य
गौशाला का संचालन महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जाता है, लेकिन शासन द्वारा प्रति गोवंश केवल 40 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं। इसी राशि में चारा-पानी, इलाज, सफाई और देखभाल जैसी सभी व्यवस्थाएँ करनी पड़ती हैं। महंगाई के इस दौर में यह राशि अत्यंत अपर्याप्त साबित हो रही है, लेकिन इसके सुधार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रयास नहीं दिख रहा है।

समूह की महिलाएँ भी शासन के नियमों और कम बजट के कारण बेबस हैं। उनकी परेशानियों, सीमित बजट और लगातार हो रही मौतों पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं है।

गौशाला में लगी लापरवाही की लंबी लिस्ट—बजरंग दल ने उठाई आवाज़
क्षेत्र के जागरूक नागरिक एवं बजरंग दल के यश वर्मा ने बताया कि सिपलाई गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मौके पर निरीक्षण किया तो कई गायें मृत अवस्था में पड़ी मिलीं, जबकि देखभाल करने वाला कोई भी व्यक्ति वहाँ मौजूद नहीं था। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच द्वारा गौशाला के प्रबंधन में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही मौतों, कुपोषण, इलाज के अभाव और गंदगी से भरी अव्यवस्था के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही न किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो और भी गायों की जान खतरे में पड़ सकती है।

स्थानीय लोगों ने माँग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाए ताकि गौशाला में पल रहे गोवंश सुरक्षित रह सकें और सरकारी दावे सिर्फ कागजों में न सिमटकर जमीनी हकीकत बन सकें।

रिपोर्टर : पियूष शर्मा 

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