राम जन्मभूमि की कमाई पर नगर सरकार का कब्ज़ा!
बेतुल : राम जन्मभूमि मेला आय पर एक रुपया भी मंदिर को नहीं नगर के गांधी चौक स्थित भगवान श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की वह भूमि, जहाँ राम जन्मभूमि मेला आयोजित किया जाता है, उस भूमि के उपयोग से होने वाली संपूर्ण आय नगर पालिका अपने खाते में जमा कर रही है। मंदिर प्रशासन और भक्तों की मांग के बावजूद अब तक मंदिर ट्रस्ट को एक रूपया भी भुगतान नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर नगर पालिका द्वारा कई वर्षों से विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियाँ कर आय अर्जित की जा रही है। इस दौरान मंदिर ट्रस्ट कई बार अपनी भूमि के किराए व राजस्व की मांग करता रहा, किंतु नगर पालिका द्वारा इसे लगातार अनदेखा किया गया।
भगवान के दरबार में हुआ था निर्णय, पर लागू नहीं हुआ
इस संबंध में पिछले वर्ष 23 नवंबर को मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई थी।
जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष वर्मा गहोरकर, सभापति कुसुम पवार, पार्षद पिल्लू जैन, जे.पी. बारस्कर, अजय यादव, सुशीला पोनिकर, वंदना साहू, संजय अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था कि—
नगर पालिका द्वारा मंदिर ट्रस्ट की भूमि उपयोग का वार्षिक 60 हजार रुपये किराया मंदिर के खाते में जमा किया जाएगा। किन्तु एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह निर्णय फाइलों में ही कैद है और मंदिर ट्रस्ट को इसका कोई लाभ प्राप्त नहीं हो सका।
मेला लगे, दुकानें चलें… आय पूरी नगरपालिका हड़प ले
राम जन्मभूमि मेला प्रतिवर्ष धूमधाम से लगता है।
सैकड़ों दुकानों के माध्यम से नगर पालिका अच्छी-खासी आय अर्जित करती है।
भक्तों का कहना है कि—
जिसकी भूमि, उसका हक — यह सिद्धांत यहाँ लागू ही नहीं होता।
भक्तों में रोष — आस्था का सम्मान हो
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि राम के नाम पर राजनीति तो खूब होती है,
पर जब बात राम मंदिर के वास्तविक हक की आती है,
तो जिम्मेदारों की चुप्पी समझ से परे है।
भक्तों ने इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है,
ताकि मंदिर ट्रस्ट अपनी भूमि से होने वाली आय का वैध अधिकार प्राप्त कर सके और धार्मिक कार्यों में इसका उपयोग हो सके।
जनता की प्रतीक्षा — वादा कब पूरा होगा?
आस्था और विश्वास के केंद्र भगवान श्रीराम की इस भूमि से जुड़े राजस्व विवाद को
जल्द सुलझाने की मांग जोर पकड़ रही है।
जनता अब नगर सरकार के ठोस और पारदर्शी कदम का इंतजार कर रही है।
रिपोर्टर : पियूष शर्मा
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