कक्षा दूसरी में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हासिल किया प्रथम स्थान,परिवार,स्कूल और शुभचिंतकों में खुशी की लहर

बैतूल - आमला मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन का परिणाम तब और भी प्रेरणादायक बन जाता है, जब छोटी उम्र में कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय देता है। ऐसा ही गौरवपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है यूनिवर्सल हायर सेकेंडरी स्कूल, आमला की होनहार छात्रा गरिमा गोहे ने, जिन्होंने कक्षा दूसरी में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया है।

गरिमा की इस शानदार सफलता ने न केवल उनके माता-पिता और परिवारजनों को गौरवान्वित किया है,बल्कि स्कूल प्रबंधन, शिक्षकगण,सहपाठियों और शुभचिंतकों के बीच भी हर्ष और उत्साह का वातावरण बना दिया है। गरिमा,जयंत गोहे की सुपुत्री हैं। इतनी कम उम्र में उनकी यह उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन,अच्छा वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिले,तो वे प्रारंभिक कक्षाओं से ही उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

मेहनत और अनुशासन का मिला शानदार परिणाम

विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि गरिमा शुरू से ही मेहनती, अनुशासित और पढ़ाई के प्रति गंभीर छात्रा रही हैं। कक्षा में उनकी सक्रियता, नियमित अध्ययन और सीखने की जिज्ञासा ने उन्हें अन्य विद्यार्थियों से अलग पहचान दिलाई। शिक्षकों ने बताया कि गरिमा ने अपनी लगन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह सफलता अर्जित की है। उनका यह परिणाम न केवल उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

स्कूल परिवार ने जताया हर्ष

गरिमा की इस उपलब्धि पर यूनिवर्सल हायर सेकेंडरी स्कूल,आमला के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं और समस्त स्टाफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की है कि गरिमा आगे भी इसी प्रकार मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगी और अपने विद्यालय, परिवार एवं नगर का नाम रोशन करेंगी।

शुभचिंतकों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

गरिमा की सफलता पर परिवारजनों, मित्रों, पड़ोसियों और शुभचिंतकों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य, बेहतर शिक्षा और निरंतर प्रगति की कामना की है।

नन्हीं प्रतिभाओं को मिलना चाहिए प्रोत्साहन

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि गरिमा जैसी होनहार और प्रतिभाशाली छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि यदि बच्चों को समय पर प्रोत्साहन और सही दिशा दी जाए, तो वे बहुत कम उम्र में ही उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। गरिमा गोहे की यह सफलता निश्चित रूप से आमला क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह संदेश देगी कि सफलता उम्र नहीं, मेहनत और लगन देखती है।

रिपोर्टर - संदीप वाईकर

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