चेक पोस्ट के स्थान पर 'चेक पॉइंट व्यवस्था' लागू होने के बाद से अब तक करीब ₹2.20 करोड़ की रिकॉर्ड चालानी कार्रवाई, विभाग की बड़ी उपलब्धि

आमला - लगातार बढ़ते राजस्व लक्ष्य को हासिल करने और सड़कों पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने की दोहरी जिम्मेदारी के बीच, परिवहन विभाग का मैदानी अमला इन दिनों भारी प्रशासनिक व व्यावहारिक दबाव में कार्य कर रहा है। इसके बावजूद, बैतूल-1 परिवहन चेक पॉइंट पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मुस्तैदी से डटे हुए हैं। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के मुखिया और परिवहन आयुक्त उमेश जोगा द्वारा पूरे प्रदेश में अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और कर चोरी के खिलाफ दिए गए सख्त निर्देशों के बाद, यहाँ कार्रवाई की गति को दोगुना कर दिया गया है।

मैदानी स्तर पर यह माना जा रहा है कि परिवहन आयुक्त उमेश जोगा जितने कुशल और संवेदनशील मार्गदर्शक हैं, शासकीय लक्ष्यों और नियमों के क्रियान्वयन को लेकर उतने ही सख्त  मुखिया भी हैं। वे समय-समय पर बेहतरीन कार्य करने वाले स्टाफ की पीठ थपथपाने और उन्हें प्रोत्साहित करने से कभी पीछे नहीं हटते। विभाग के मुखिया का यही अपनत्व अमले के भीतर नई ऊर्जा का संचार करता है।

नई व्यवस्था से मिली बड़ी सफलता: डॉ. अनामिका कोली

बैतूल-1 चेक पॉइंट की प्रभारी अधिकारी डॉ. अनामिका कोली ने इस दौरान मैदानी स्तर की उपलब्धियों और व्यावहारिक दिक्कतों को साझा किया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया:

"राज्य शासन और माननीय परिवहन आयुक्त उमेश जोगा सर के निर्देशानुसार जुलाई 2024 से पुरानी चेक पोस्ट व्यवस्था के स्थान पर पारदर्शी 'चेक पॉइंट व्यवस्था' लागू की गई थी। इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद से जून 2026 तक अकेले परिवहन चेक पॉइंट बैतूल-1 पर लगभग 2 करोड़ 20 लाख रुपये की बड़ी चालानी कार्रवाई की जा चुकी है, जो विभाग के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।"


प्रभारी अधिकारी ने आगे कहा, "इस सफलता के पीछे शीर्ष नेतृत्व का निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन है। सर हमारे काम की व्यावहारिक दिक्कतों को समझते हैं और अमले को प्रेरित करते रहते हैं। लेकिन साथ ही, राजस्व लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर उनके निर्देश बेहद स्पष्ट और कड़े हैं।"

असहयोग के बावजूद समझाइश और सुरक्षा सर्वोपरि

डॉ. अनामिका कोली ने बताया कि मैदानी स्तर पर चेकिंग के दौरान कई बार वाहन चालक, विशेषकर भारी वाहनों के ड्राइवर सहयोग नहीं करते हैं। इसके बावजूद हमारा अमला बेहद संयम का परिचय देते हुए उन्हें लगातार समझाइश दे रहा है। अमला न केवल शासन द्वारा निर्धारित 'राजस्व लक्ष्यों' को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुटा है, बल्कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। चेकिंग के दौरान राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था बाधित न हो, वाहनों की संपूर्ण सुरक्षा बनी रहे और रात्रि के समय चेकिंग कर रहे विभागीय कर्मचारियों की स्वयं की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो, इसके लिए सभी आवश्यक तकनीकी उपाय अपनाए जा रहे हैं।

कार्रवाई लगातार जारी रहेगी

इंटरव्यू के समापन पर डॉ. अनामिका कोली ने सख्त लहजे में संदेश देते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले, टैक्स चोरी करने वाले और बिना परमिट व फिटनेस के सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों के खिलाफ यह वैधानिक कार्रवाई बिना किसी दबाव के लगातार जारी रहेगी। उन्होंने सभी वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे चेकिंग अमले का सहयोग करें, क्योंकि सड़क सुरक्षा और राजस्व दोनों ही राष्ट्र और नागरिकों के हित से जुड़े विषय हैं l

संवाददाता : दिलीप चौकीकर

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