भदोही के युवा योद्धा ऋषि शुक्ला ने गंगासागर यात्रियों का किया धूमधाम स्वागत
भदोही - कोलकाता के दिल में इन दिनों एक अलग ही ऊर्जा बिखरी हुई है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगासागर की ओर बढ़ रहे हैं, जहाँ माँ गंगा सागर से मिलकर मोक्ष का द्वार खोलती हैं। इसी भव्य तीर्थयात्रा के बीच *काशी प्रयाग बंग परिषद* ने एक बार फिर अपनी सेवा-भावना से सबका दिल जीत लिया। इस बार परिषद के व्यवस्थापक *विनय दुबे* के नेतृत्व में आयोजित स्वागत समारोह में खास मेहमान बने भदोही के युवा सनातनी अग्रदूत और प्रखर हिंदूवादी नेता *ऋषि शुक्ला*। जैसे ही वे वहाँ पहुँचे, पूरा माहौल गूंज उठा – जय श्री राम के उद्घोष और सनातन की एकता की ध्वनि से। ऋषि शुक्ला ने अपने साथियों की पूरी टीम के साथ मिलकर तीर्थयात्रियों का पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत किया। नारियल फोड़कर विधिवत पूजा-अर्चना - अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मान ,माथे पर तिलक और मंगलकामना । यह नज़ारा देखकर हर कोई भाव-विभोर हो उठा।
ऋषि शुक्ला ने इस मौके पर कहा
गंगासागर तीर्थयात्रा सिर्फ़ एक यात्रा नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीती-जागती मिसाल है – जहाँ आस्था, एकता और सेवा का अद्भुत संगम होता है। काशी प्रयाग बंग परिषद के इस पुण्य कार्य में शामिल होकर मुझे गर्व हो रहा है। विनय दुबे जी और पूरे परिवार का विशेष धन्यवाद!" इस भव्य स्वागत में ऋषि शुक्ला के साथ भदोही की सनातनी टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे। तरुण मिश्रा, गुहू पांडेय, विमल तिवारी, राजू पांडेय, मनीष शुक्ला, मोनू शुक्ला, अरविन्द पांडेय, आशीष चौबे, विपुल पांडेय, श्रीकांत दुबे, आकाश मिश्रा, आज़ाद मिश्रा और कुशल पांडेय। यह आयोजन सिर्फ़ एक स्वागत समारोह नहीं रहा, बल्कि युवा पीढ़ी में सनातन मूल्यों के प्रति नया जोश भरने वाला क्षण बन गया। भदोही से लेकर कोलकाता तक, ऋषि शुक्ला जैसे युवा नेताओं की सक्रियता से सनातनी समाज में संगठन और उत्साह की नई लहर दौड़ रही है।
रिपोर्टर - प्रदीप

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