चारधाम यात्रा 2026: केदारनाथ-बद्रीनाथ में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक, जानिए किसे मिलेगी अनुमति

BY UJJWAL SINGH 

हिमालय की पवित्र वादियों में होने वाली चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. इस वर्ष भी यात्रा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और आधिकारिक रूप से 19 अप्रैल से यात्रा शुरू होने जा रही है. तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या और मंदिरों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन और मंदिर समितियां कई अहम फैसले ले रही हैं। इसी क्रम में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके अनुसार कुछ प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी.

मंदिर परिसरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने घोषणा की है कि आगामी चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य परिसर में गैर-हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. मंदिर अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला धार्मिक स्थलों की पवित्रता और पारंपरिक धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.यह नियम केवल इन दो प्रमुख मंदिरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समिति के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले लगभग 45 से अधिक अन्य मंदिरों पर भी लागू किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि इस संबंध में कुछ मंदिरों में पहले ही औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर अभी भी चर्चा जारी है.

क्या बौद्ध, सिख और जैन श्रद्धालुओं पर भी लागू होगा नियम?

गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक की खबर सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या बौद्ध, सिख और जैन धर्म के लोगों को भी मंदिरों में प्रवेश नहीं मिलेगा . इस पर मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि इन धर्मों के अनुयायियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा . बीकेटीसी के अध्यक्ष के अनुसार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 में हिंदू शब्द की व्यापक परिभाषा में बौद्ध, जैन और सिख धर्म को कुछ कानूनी और सांस्कृतिक संदर्भों में शामिल माना गया है. इसलिए इन धर्मों के अनुयायी चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे.

कई मंदिरों में लागू करने की तैयारी

मंदिर प्रशासन इस नियम को अपने अधीन आने वाले करीब 47 से 50 मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है. गंगोत्री मंदिर की प्रबंधन समिति ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे लागू करने के पक्ष में निर्णय लिया है.

चारधाम यात्रा की शुरुआत

चारधाम यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ 19 अप्रैल से होगा. इसी दिन यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे. इसके बाद केदारनाथ मंदिर 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ मंदिर 23 अप्रैल को दर्शन के लिए खोले जाएंगे. प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार भी लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में भाग लेंगे.

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