क्या ऑस्कर विजेता अपनी ट्रॉफी बेच सकता है? जानें नियम और नीलामी का इतिहास

BY UJJWAL SINGH 

हर साल आयोजित होने वाले Academy Awards (ऑस्कर अवॉर्ड्स) फिल्म इंडस्ट्री का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माने जाते हैं. यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि कलाकार की मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धि का प्रतीक होती है. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या ऑस्कर जीतने वाला व्यक्ति अपनी ट्रॉफी बेच सकता है? और अगर हां, तो कब-कब ऐसा हुआ है? आइए इस दिलचस्प विषय को विस्तार से समझते हैं.

ऑस्कर ट्रॉफी की खासियत

ऑस्कर ट्रॉफी का आधिकारिक नाम Academy Award of Merit है, जिसे Academy of Motion Picture Arts and Sciences द्वारा दिया जाता है. यह लगभग 13.5 इंच ऊंची और करीब 3.8 किलो वजनी होती है. ब्रॉन्ज से बनी इस ट्रॉफी पर गोल्ड प्लेटिंग की जाती है। यह एक योद्धा की आकृति होती है जो फिल्म रील पर खड़ा होता है जो सिनेमा कला का प्रतीक है.

क्या ऑस्कर ट्रॉफी बेची जा सकती है?

इसका जवाब सीधा है आंशिक रूप से हां और नहीं. 1951 के बाद से AMPAS ने एक सख्त नियम लागू किया. इस नियम के अनुसार: कोई भी ऑस्कर विजेता अपनी ट्रॉफी को खुले बाजार में सीधे नहीं बेच सकता. यदि विजेता या उनके परिवार वाले इसे बेचना चाहते हैं, तो उन्हें पहले इसे अकादमी को मात्र 1 डॉलर में बेचने का प्रस्ताव देना होगा.इस नियम का उद्देश्य ऑस्कर की गरिमा बनाए रखना और इसे एक व्यावसायिक वस्तु बनने से रोकना है.

कब-कब हुई ऑस्कर ट्रॉफी की नीलामी?

1951 से पहले दिए गए ऑस्कर अवॉर्ड्स पर यह नियम लागू नहीं होता, इसलिए उनकी खरीद-फरोख्त संभव रही है. कुछ चर्चित उदाहरण:  Michael Jackson ने 1999 में फिल्म Gone with the Wind (1939) के निर्माता का ऑस्कर लगभग 15 लाख डॉलर में खरीदा.फिल्म Citizen Kane (1941) का ऑस्कर 2011 में लगभग 861,542 डॉलर में नीलाम हुआ. इसके अलावा Bette Davis और Clark Gable की ट्रॉफियां भी ऊंची कीमतों पर बिक चुकी हैं.

ऑस्कर ट्रॉफी सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि सिनेमा इतिहास का अमूल्य हिस्सा है। 1951 के बाद बने नियमों ने इसकी प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि पुराने ऑस्कर की नीलामी संभव रही है, लेकिन आज के समय में यह प्रक्रिया बेहद सीमित और नियंत्रित है.इससे साफ है कि ऑस्कर जीतना जितना गर्व की बात है, उतना ही इसे संभालकर रखना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है.

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