ईरान-इजरायल युद्ध और परमाणु धमकियाँ: धरती पर कितना विनाश संभव?
BY UJJWAL SINGH
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच दुनिया की नज़रें परमाणु हथियारों पर टिक गई हैं. हाल के हमलों और बढ़ते तनाव ने यह सवाल फिर से उभारा है कि दुनिया के 9 परमाणु शक्ति संपन्न देशों के पास कितनी तबाही का साम्राज्य मौजूद है और ये हथियार कितनी बार मानवता को खतरे में डाल सकते हैं.
परमाणु हथियारों का गणित
बुलेटिन ऑफ एटोमिक साइंटिस्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में कुल 12,041 परमाणु हथियार मौजूद हैं. रूस 5,500 और अमेरिका 5,044 बम के साथ सबसे ऊपर हैं. इसके अलावा चीन (500), फ्रांस (290), ब्रिटेन (225), भारत (172), पाकिस्तान (170), इज़राइल (90) और उत्तर कोरिया (50) हथियार रखते हैं. यही जखीरा दुनिया के बड़े शहरों को कई बार मलबे में तब्दील करने की क्षमता रखता है.
पूरी पृथ्वी पर असर
अगर केवल 500 बमों (30-40 किलोटन क्षमता वाले) का इस्तेमाल किया जाए, तो दुनिया की 8 अरब आबादी को खतरा हो सकता है। पूरे भू-भाग को मिटाने के लिए करीब 1,28,000 बम चाहिए, यानी मौजूदा 12,000 बम इंसानियत को तहस-नहस कर सकते हैं, लेकिन पूरी पृथ्वी को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए अभी भी संख्या कम है.
गुप्त परमाणु रेस
ईरान, अर्जेंटीना, ब्राजील के अलावा स्वीडन, लीबिया, रोमानिया, इजिप्ट, ताइवान और अन्य देश भी पर्दे के पीछे परमाणु क्षमता बढ़ा रहे हैं। जापान के पास तकनीक मौजूद है लेकिन फिलहाल शांति अपनाई है.
रूस का 'डेड हैंड'
रूस का 'डेड हैंड' सिस्टम ऑटोमेटिक कमांड के जरिए किसी भी अचानक हमले की स्थिति में अपने हथियारों का जवाब दे सकता है. यह सिस्टम आज भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा डर और रहस्य बना हुआ है.
सामाजिक और पर्यावरणीय खतरे
परमाणु हमलों के बाद केवल धमाका ही नहीं, बल्कि परमाणु सर्दियों और कृषि-व्यवस्था पर असर आएगा. सूरज की रोशनी कम होगी, तापमान गिर जाएगा और भूखमरी फैल सकती है. हिरोशिमा और नागासाकी की तबाही उस विनाश का केवल छोटा सा उदाहरण थी; आधुनिक बम उससे हजारों गुना अधिक शक्तिशाली हैं.

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