बिहार की नई सरकार: किसे क्या मिलेगा, क्या संतुलन बैठा पाएगा NDA?

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. मुख्यमंत्री Nitish Kumar के 14 अप्रैल को इस्तीफा देने की खबरों के बीच नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. लंबे समय से जिस सत्ता फॉर्मूले का इंतजार किया जा रहा था, अब उसकी रूपरेखा सामने आने लगी है.

नया नेतृत्व और सत्ता का फॉर्मूला

सूत्रों के अनुसार, बिहार का अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) से होगा. वहीं, दो डिप्टी सीएम Janata Dal (United) (JDU) से बनाए जा सकते हैं, जिससे गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी.यह व्यवस्था स्पष्ट संकेत देती है कि NDA सहयोगियों के बीच शक्ति संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार का गठन किया जा रहा है.

सहयोगी दलों की हिस्सेदारी

मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है. Chirag Paswan की पार्टी LJP (रामविलास) को 2 मंत्री पद मिलने की संभावना है. वहीं, Jitan Ram Manjhi की HAM को 1 मंत्री पद दिया जा सकता है.इसके अलावा Upendra Kushwaha की पार्टी को भी 1 मंत्री पद मिलने के आसार हैं. इससे साफ है कि छोटे सहयोगी दलों को भी सरकार में जगह देकर उन्हें संतुष्ट करने की रणनीति अपनाई जा रही है.

मंत्रिमंडल का संभावित आकार

सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में कुल 32-33 मंत्रियों का पूर्ण मंत्रिमंडल बन सकता है. इसमें BJP के 15 और JDU के 14 मंत्री शामिल हो सकते हैं.वर्तमान में कैबिनेट में 27 सदस्य हैं, जबकि संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में नई सरकार में विस्तार की पूरी गुंजाइश है.

शपथ ग्रहण और आगे की रणनीति

नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में आयोजित होने की संभावना है. हालांकि, सभी मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाने के बजाय कुछ को बाद में शामिल किया जा सकता है.

बिहार की नई सरकार का गठन केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि गठबंधन राजनीति के नए समीकरणों का संकेत है. अब देखना होगा कि यह संतुलन लंबे समय तक कितना टिकाऊ साबित होता है.

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