अमरनाथ यात्रा 2026: पंजीकरण शुरू, 57 दिनों की यात्रा के लिए नए नियम लागू

देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो चुकी है. इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक कुल 57 दिनों तक चलेगी. प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य होगा.

पंजीकरण अनिवार्य, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है. श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, देशभर में 550 से अधिक बैंक शाखाओं—जैसे स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक—के जरिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है. बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी.

दो प्रमुख मार्ग: लंबा सुरक्षित और छोटा चुनौतीपूर्ण

यात्रा के लिए इस बार भी दो पारंपरिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं. पहला 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम (नुनवन) मार्ग है, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित और पारंपरिक माना जाता है. दूसरा 14 किलोमीटर का बालटाल मार्ग है, जो छोटा जरूर है लेकिन इसमें खड़ी चढ़ाई और जोखिम अधिक होता है. श्रद्धालु अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुसार मार्ग का चयन कर सकते हैं.

स्वास्थ्य और सुरक्षा नियम सख्त

इस बार स्वास्थ्य संबंधी नियमों को और कड़ा किया गया है. हर यात्री के लिए कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) अनिवार्य होगा, जो 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया हो. इसके साथ ही RFID कार्ड भी जरूरी किया गया है, जिससे यात्रियों की लोकेशन ट्रैक कर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

महत्वपूर्ण दिशानिर्देश और पात्रता

यात्रा के लिए आयु सीमा 13 से 70 वर्ष तय की गई है. 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं होगी. पंजीकरण शुल्क ₹150 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है. यात्रा की तारीख से 7 दिन पहले तक ही रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा.

प्रशासन ने सुरक्षा एजेंसियों, मेडिकल टीमों और रेस्क्यू यूनिट्स की तैनाती के साथ व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते पंजीकरण कराएं और सभी नियमों का पालन करें, ताकि यह पवित्र यात्रा सुरक्षित और सफल बन सके.

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