बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी दिन का माहौल सुबह से ही गर्मजोशी और तनाव से भरा रहा। कहीं वोटिंग की कतारें लंबी थीं तो कहीं टकराव की खबरें सुर्खियां बन गईं।
मुर्शिदाबाद के नौदा में तो स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। वोटिंग से ठीक पहले देर रात देसी बम फेंके जाने से कई लोग घायल हो गए थे, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इसी घटना के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर सुबह मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां माहौल शांत नहीं रहा। समर्थकों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात इतने बिगड़े कि हुमायूं कबीर धरने पर बैठ गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस एक पक्षीय रवैया अपना रही है और TMC कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी जा रही है, जबकि उनके समर्थकों के साथ मारपीट हो रही है।
इसी बीच सिलीगुड़ी में भी चुनावी माहौल गरमा गया, जहां BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतों ने भी वोटरों की परेशानी बढ़ा दी।
मालदा में एक बूथ पर ईवीएम खराब होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मतदाताओं ने चुनाव अधिकारी को घेरकर जवाब मांगा, जिससे कुछ देर के लिए मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
हालांकि, इन घटनाओं के बीच राज्यभर में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। खासकर महिलाओं की भागीदारी उत्साहजनक रही, जो लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती दिखीं। तमिलनाडु में भी ऐसा ही जोश नजर आया।
चेन्नई में मतदान के दौरान फिल्म अभिनेता अजित कुमार और TVK प्रमुख विजय के पहुंचने से माहौल और भी भीड़भाड़ वाला हो गया। दोनों की एक झलक पाने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
राजनीतिक रूप से देखें तो बंगाल में मुकाबला मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच माना जा रहा है। चुनाव आयोग पूरे राज्य में वेबकास्टिंग के जरिए मतदान प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
अब सबकी नजर दूसरे चरण की वोटिंग पर टिकी है, जो 29 अप्रैल को होगी, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।
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