दिल्ली नहीं, इस खूबसूरत शहर में है भारत का राष्ट्रपति निवास: गर्मियों में क्यों शिफ्ट होते हैं राष्ट्रपति
भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास सभी को दिल्ली में स्थित 'राष्ट्रपति भवन' के रूप में पता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि देश में एक और राष्ट्रपति निवास भी है, जो दिल्ली की गर्मी से दूर पहाड़ों की खूबसूरत वादियों में स्थित है। हर साल गर्मियों में राष्ट्रपति का पूरा अमला कुछ दिनों के लिए इस हिल स्टेशन पर शिफ्ट हो जाता है। यह ऐतिहासिक इमारत न सिर्फ खूबसूरत है बल्कि इसके पीछे की परंपरा ब्रिटिश काल से जुड़ी हुई है।
राष्ट्रपति का ग्रीष्मकालीन निवास – द रिट्रीट
भारत के राष्ट्रपति हर साल गर्मियों में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 13 किलोमीटर दूर मशोबरा में स्थित राष्ट्रपति निवास में ठहरते हैं। इसे आधिकारिक रूप से 'द रिट्रीट' (The Retreat) कहा जाता है। यह निवास मैदानी इलाकों की तीव्र गर्मी से बचने और प्रकृति के बीच समय बिताने का आदर्श स्थल है। यहाँ राष्ट्रपति आराम करते हैं और देश के प्रशासनिक तथा सांस्कृतिक कार्यों का संचालन भी यहीं से करते हैं।
ब्रिटिश काल से जुड़ी पुरानी परंपरा
शिमला में गर्मियों के दौरान राष्ट्रपति का ठहरना कोई नई परंपरा नहीं है। 1863 में जॉन लॉरेंस ने शिमला को आधिकारिक रूप से भारत की समर कैपिटल घोषित किया था। 1864 से अंग्रेजों का पूरा सरकारी अमला दिल्ली और कोलकाता की गर्मी से बचने के लिए शिमला शिफ्ट होने लगा। ठंडा मौसम और शांत पहाड़ी माहौल शासन चलाने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया।
आजादी के बाद बड़ा बदलाव
1947 में आजादी के बाद अंग्रेजों की कई ऐतिहासिक इमारतें भारत सरकार के नियंत्रण में आ गईं। साल 1951 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद मशोबरा आए। धीरे-धीरे यह स्थल राष्ट्रपति के लिए खास बनता गया और हर साल गर्मियों में आने की परंपरा शुरू हुई।
ऑफिशियल समर रिट्रीट का दर्जा
1965 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने मशोबरा के इस भवन को राष्ट्रपति का आधिकारिक समर रिट्रीट घोषित किया। इसके बाद हर साल यह परंपरा निभाई जाती रही।
ऐतिहासिक धरोहर और आम जनता के लिए खुला परिसर
मशोबरा का राष्ट्रपति निवास लगभग 175 साल पुराना है और घने देवदार के जंगलों व ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित है। इसकी वास्तुकला पारंपरिक 'धज्जी' शैली में है, जो पूरी तरह भूकंपरोधी है। अब यह परिसर आम जनता और पर्यटकों के लिए भी खुला है। ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट बुक करके कोई भी इस ऐतिहासिक और खूबसूरत भवन को देख सकता है।

No Previous Comments found.