Pakistan Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल पर कितना टैक्स लेती है पाकिस्तान सरकार, एक झटके में कैसे कम कर दिए 22 रुपये?
मिडल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ रही है. हालांकि, इसी दौरान पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार में 22 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी कटौती कर लोगों को राहत दी है. ऐसे में यह जानना दिलचस्प है कि पाकिस्तान में ईंधन पर कितना टैक्स लगाया जाता है और सरकार इतनी बड़ी राहत देने में कैसे सफल रही.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का मिला फायदा
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी कटौती के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही. वैश्विक तेल बाजार में अस्थायी गिरावट आने के बाद पाकिस्तान सरकार ने इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का फैसला किया. इसी कारण सरकार को एक ही बार में 22 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की घोषणा करने का अवसर मिला.
ईद से पहले की गई इस राहत को आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं और महंगाई पहले से ही घरेलू बजट पर असर डाल रही है. ऐसे में सरकार ने परिवहन लागत कम करने और लोगों पर आर्थिक बोझ घटाने की कोशिश की है.
पाकिस्तान में पेट्रोल पर कितना टैक्स लगता है?
हालिया कटौती के बावजूद पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल पर भारी कर लगाया जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, केवल पेट्रोल पर कुल टैक्स का बोझ लगभग 125 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाता है. उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली खुदरा कीमत का बड़ा हिस्सा विभिन्न लेवी, शुल्क और अतिरिक्त करों के रूप में सरकार के पास जाता है.
पेट्रोलियम लेवी का बड़ा योगदान
पाकिस्तान की ईंधन कर व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पेट्रोलियम लेवी की है. यह लेवी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से जुड़ी शर्तों के तहत लागू की गई है. हाल के महीनों में पेट्रोलियम लेवी 117 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के स्तर को भी पार कर चुकी है, जो ईंधन की अंतिम कीमत में बड़ा योगदान देती है.
अन्य शुल्क भी बढ़ाते हैं कीमत
पेट्रोलियम लेवी के अलावा उपभोक्ताओं को कस्टम ड्यूटी और जलवायु संबंधी शुल्क भी देना पड़ता है. वर्तमान में लगभग 2.5 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर का अलग क्लाइमेट लेवी भी लागू है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, घरेलू टैक्स संग्रह में मजबूती आने से सरकार को वित्तीय लचीलापन मिला, जिसके चलते ईंधन की कीमतों में अस्थायी राहत देना संभव हो सका.
इस तरह, भारी करों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में आई गिरावट और बेहतर राजस्व संग्रह ने पाकिस्तान सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती करने का मौका दिया.

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