Major Fire Tragedy Incidents: दिल्ली से इंदौर तक आग का कहर, 10 दिनों में कई शहरों में मची तबाही
जून की भीषण गर्मी के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से आग लगने की कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं. पिछले 10 दिनों में दिल्ली, मुजफ्फरपुर, नोएडा, भिवाड़ी, इंदौर और हैदराबाद में लगी आग ने भारी तबाही मचाई है. इन हादसों में कई लोगों की जान चली गई, जबकि अनेक घायल हुए. लगातार सामने आ रही घटनाओं ने फायर सेफ्टी इंतजामों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 लोगों की मौत
सबसे बड़ी और दर्दनाक घटना राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में हुई, जहां ‘होटल फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ में भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई. होटल के आसपास कई बड़े अस्पताल होने के कारण यहां देश के विभिन्न राज्यों तथा अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए मरीजों के तीमारदार ठहरे हुए थे.
मुजफ्फरपुर अस्पताल के ICU में आग
बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में गुरुवार तड़के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई. जहरीले धुएं और आग की चपेट में आने से करीब 6 मरीजों की मौत हो गई. कई अन्य मरीजों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.
नोएडा में दो स्थानों पर आग
उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-75 स्थित आईवीवाई काउंटी सोसाइटी की 12वीं मंजिल पर बने फ्लैट में शुक्रवार को आग लग गई. हालांकि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई. वहीं सेक्टर-52 के शताब्दी विहार इलाके में एक पीजी हाउस में लगी आग से भगदड़ मच गई, लेकिन दमकल विभाग की तत्परता से सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए.
भिवाड़ी, इंदौर और हैदराबाद में भी तबाही
राजस्थान के भिवाड़ी में एक बड़े ट्रांसफार्मर में विस्फोट के बाद आग लग गई, जिसने पास की दो फैक्ट्रियों को भी चपेट में ले लिया. हादसे में पांच कर्मचारी झुलस गए. वहीं इंदौर में एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शोरूम में लगी आग से दर्जनों वाहन जलकर खाक हो गए. हैदराबाद के अमीरपेट क्षेत्र में स्थित केएसआर फैशन टेक्सटाइल शोरूम में लगी आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, हालांकि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इन सभी घटनाओं में एक समानता यह रही कि अधिकांश मामलों में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी बताई जा रही है. दिल्ली और मुजफ्फरपुर में कुल 27 लोगों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी के साथ फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.
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