कनाडा में 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI चैटबॉट्स पर बैन की तैयारी
बच्चों पर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए कई देशों में पाबंदी लगाने की तैयारी हो रही है. अब कनाडा ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और AI चैटबॉट्स पर बैन लगाने की योजना बनाई है. कनाडा की सरकार ने हाल ही में एक डिजिटल सेफ्टी बिल पेश किया है, जिसे पास होने के बाद बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और चैटबॉट्स को एक्सेस करना कानूनन प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.
बैन की वजह और नियम
इस प्रस्तावित कानून में चैटजीपीटी, जेमिनी और ग्रोक जैसे चैटबॉट्स को भी शामिल किया गया है. सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म्स और चैटबॉट्स यूजर को लगातार इंगेज रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिससे बच्चों की मेंटल हेल्थ पर नकारात्मक असर पड़ता है। बिल पास होने के बाद इसमें डिजिटल रेगुलेटर का प्रावधान होगा, जो सोशल मीडिया और चैटबॉट्स के लिए सेफ्टी नियम बनाएगा.नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों को उनके ग्लोबल रेवेन्यू का 3 प्रतिशत या 10 मिलियन कनैडियन डॉलर तक का जुर्माना देना होगा.
दुनियाभर के अन्य देश
कनाडा से पहले ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाई थी. इसके बाद ग्रीस अगले साल से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया एक्सेस करने की अनुमति नहीं देगा. वहीं फ्रांस, डेनमार्क, पोलैंड, यूनाइटेड किंगडम और स्पेन भी इस तरह के कानून बनाने की तैयारी कर रहे हैं. दुनियाभर में बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिप्रेशन से जुड़ी चिंताओं के कारण यह कदम उठाया जा रहा है.
भारत में स्थिति
भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग समय-समय पर उठती रही है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. हालांकि, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ने अपने स्तर पर क्रमश: 16 और 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी.
इस बिल के पास होने के बाद कनाडा डिजिटल सुरक्षा के मामले में बच्चों को सुरक्षित रखने में अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा, जबकि दुनिया भर के अन्य देश भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.
No Previous Comments found.