उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रही बच्चे की लंबाई? जानें कारण और समाधान
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे और उसकी शारीरिक वृद्धि उम्र के अनुसार हो. लेकिन जब बच्चे की लंबाई आसपास के बच्चों की तुलना में कम दिखाई देती है, तो माता-पिता चिंतित हो जाते हैं। कई बार उन्हें लगता है कि कहीं बच्चे को कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है या उसके खान-पान में कोई कमी तो नहीं रह गई. हालांकि, हर बच्चे की ग्रोथ की गति अलग होती है। कुछ बच्चों की लंबाई तेजी से बढ़ती है, जबकि कुछ की वृद्धि धीरे-धीरे होती है. ऐसे में सही कारण जानना और समय पर उचित कदम उठाना जरूरी है.
बच्चे की लंबाई कम बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों की लंबाई पर जेनेटिक और गैर-जेनेटिक दोनों तरह के कारकों का प्रभाव पड़ता है. यदि माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्यों की लंबाई सामान्य से कम है, तो बच्चे की लंबाई भी उसी अनुसार हो सकती है. यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और चिंता का विषय नहीं होता.
वहीं, यदि परिवार में सभी की लंबाई सामान्य है, लेकिन बच्चे की ग्रोथ धीमी है, तो इसके पीछे पोषण की कमी, बार-बार बीमार पड़ना, हार्मोन संबंधी समस्याएं, पाचन तंत्र की दिक्कतें, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण हो सकते हैं.
बार-बार बीमार पड़ना भी हो सकता है वजह
जो बच्चे अक्सर सर्दी-जुकाम, बुखार या संक्रमण से ग्रस्त रहते हैं, उनके शरीर की ऊर्जा बीमारी से लड़ने में अधिक खर्च होती है. इससे उनकी सामान्य वृद्धि प्रभावित हो सकती है. यदि बच्चा लगातार बीमार रहता है और उसकी लंबाई भी नहीं बढ़ रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
गर्भावस्था से भी जुड़ा है बच्चे की ग्रोथ का संबंध
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे की लंबाई केवल जन्म के बाद मिलने वाले पोषण पर निर्भर नहीं करती, बल्कि गर्भावस्था के दौरान मां का स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. प्रेगनेंसी में मां को पर्याप्त पोषण न मिलना, जन्म के बाद बच्चे की सही देखभाल का अभाव, खेल-कूद में भाग न लेना, लंबे समय तक मोबाइल या टीवी में व्यस्त रहना तथा धूप और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है.
बच्चे की लंबाई बढ़ाने के लिए क्या करें?
बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है. उनकी डाइट में दूध और दुग्ध उत्पाद, दालें, राजमा, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, अंडे, मछली, सूखे मेवे और साबुत अनाज शामिल करें. इसके अलावा रोजाना कम से कम एक घंटे की शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और पाचन तंत्र का स्वस्थ रहना भी जरूरी है. यदि बच्चे को कब्ज या पाचन संबंधी समस्या रहती है, तो शरीर को पूरा पोषण नहीं मिल पाता, जिससे उसकी लंबाई प्रभावित हो सकती है. इसलिए समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान देना आवश्यक है.
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