Tech Explainer: रिचार्ज प्लान क्यों महंगे करने की तैयारी में हैं टेलीकॉम कंपनियां? जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर
मोबाइल यूजर्स की जेब पर जल्द ही एक और बोझ बढ़ सकता है। मोबाइल फोन पहले ही महंगे हो चुके हैं और अब मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतें भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जियो और एयरटेल अगले 3-4 महीनों में अपने रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे कर सकते हैं। हालांकि, दोनों कंपनियों ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की है। अगर ऐसा होता है तो कॉलिंग और डेटा सेवाओं के लिए ग्राहकों को पहले से अधिक खर्च करना पड़ेगा।
आखिर क्यों बढ़ सकती हैं रिचार्ज प्लान की कीमतें?
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों ने 5G नेटवर्क तैयार करने और स्पेक्ट्रम खरीदने पर भारी निवेश किया है। अब कंपनियां इस निवेश की भरपाई करने और अपना मुनाफा बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं। इसके अलावा, रिचार्ज प्लान महंगे होने से कंपनियों का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) भी बढ़ेगा, जिसे निवेशकों के लिए अहम वित्तीय संकेतक माना जाता है। जियो और एयरटेल देश के करीब 90 प्रतिशत जिलों तक 5G सेवा पहुंचा चुके हैं, जबकि वोडाफोन आइडिया 100 से अधिक शहरों में 5G शुरू कर चुकी है। वहीं, BSNL अभी तक 5G सेवा लॉन्च नहीं कर सकी है।
धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं सस्ते प्लान
जियो ने सितंबर 2016 में शुरुआत के दौरान कॉलिंग और डेटा जैसी सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई थीं, लेकिन पिछले एक दशक में रिचार्ज प्लान लगातार महंगे हुए हैं। जो सुविधाएं पहले 200 रुपये के प्लान में मिलती थीं, उनके लिए अब 300 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। कंपनियां समय-समय पर सस्ते प्लान बंद भी करती रही हैं। एयरटेल ने अप्रैल 2026 में 799 रुपये का प्लान बंद कर दिया और 859 रुपये वाले प्लान की कीमत बढ़ाकर 899 रुपये कर दी। इससे पहले नवंबर 2025 में 189 रुपये का एंट्री प्लान हटाकर 199 रुपये का नया प्लान पेश किया गया था। वहीं, जियो ने भी हाल ही में अपना 209 रुपये वाला प्लान बंद कर दिया।
पिछली बार कब बढ़े थे रिचार्ज के दाम?
टेलीकॉम कंपनियों ने आखिरी बार जुलाई 2024 में रिचार्ज प्लान की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की थी। उस समय भी कंपनियों ने 5G नेटवर्क पर बढ़ते खर्च को इसकी प्रमुख वजह बताया था।
ग्राहक क्यों हैं नाराज और आम आदमी पर क्या होगा असर?
रिचार्ज महंगा होने की चर्चाओं के बीच कई ग्राहक कॉल ड्रॉप, स्लो इंटरनेट और नेटवर्क क्वालिटी को लेकर लगातार शिकायत कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में रिचार्ज महंगे हुए हैं, लेकिन उसी अनुपात में सेवाओं में सुधार नहीं हुआ। यदि इस बार भी कीमतें 12 से 15 प्रतिशत बढ़ती हैं तो समान सुविधाओं के लिए ग्राहकों को अधिक भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, 400 रुपये का प्लान 450 रुपये से अधिक का हो सकता है।
भारत में अब भी सबसे सस्ता है मोबाइल डेटा
हालांकि, लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद भारत दुनिया के सबसे सस्ते मोबाइल डेटा वाले देशों में शामिल है। सरकार ने मार्च 2026 में बताया था कि देश में 103 करोड़ इंटरनेट यूजर्स के लिए 1 GB डेटा की कीमत लगभग 7 से 10 रुपये है, जबकि वैश्विक औसत करीब 250 रुपये प्रति GB है।
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