गौ सम्मान का राष्ट्रीय संकल्प: लखनऊ से देशव्यापी जनआंदोलन का शंखनाद

गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं उन्हें राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने के उद्देश्य से चल रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान ने अब देशव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप लेना प्रारंभ कर दिया है। इसी क्रम में लखनऊ के ऐतिहासिक बड़ी काली जी मंदिर, चौपटिया चौक में अभियान की एक महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संत-महात्माओं, गौ-भक्तों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों ने सहभागिता कर आगामी आंदोलन की व्यापक रणनीति पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। वक्ताओं ने कहा कि सदियों से गौ माता भारतीय जीवन का अभिन्न अंग रही हैं। प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम स्वावलंबन की अवधारणा में गोवंश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में गौ संरक्षण को केवल एक धार्मिक अभियान के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के व्यापक अभियान के रूप में देखा जाना चाहिए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 27 जुलाई 2026 को देश और प्रदेश के सभी जिलों में गौ-भक्त, सामाजिक संगठन एवं किसान संगठन एकजुट होकर अपने-अपने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री तथा माननीय मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। इस माध्यम से गौ संरक्षण से संबंधित प्रमुख मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाया जाएगा।

अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण 40 करोड़ हस्ताक्षरों का राष्ट्रीय जनसमर्थन अभियान है। देश के विभिन्न राज्यों, गांवों, कस्बों और शहरों से करोड़ों नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा रहे हैं। इन हस्ताक्षरों से युक्त विशाल प्रार्थना-पत्र 27 अक्टूबर 2026 को महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री को सौंपने का निर्णय लिया गया है। अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इतने व्यापक जनसमर्थन के माध्यम से गौ संरक्षण के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाया जा सकेगा।

बैठक में अभियान की प्रमुख मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें गौ माता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा प्रदान करना, देशभर में गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर एवं प्रभावी कानून बनाना, गौचर भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना, बेसहारा गोवंश के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौशालाओं की स्थापना तथा गौ-आधारित जैविक कृषि को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करना प्रमुख मांगें हैं।

बैठक को संबोधित करते हुए संतों एवं वक्ताओं ने कहा कि किसी भी जनआंदोलन की सफलता समाज की सहभागिता पर निर्भर करती है। इसलिए इस अभियान को राजनीति, जाति, क्षेत्र और संगठनात्मक सीमाओं से ऊपर उठकर जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से गौ संरक्षण को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

बैठक के अंत में देशवासियों, गौ-भक्तों, संत समाज, सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों से विशेष अपील की गई कि वे 27 जुलाई 2026 को अपने-अपने जनपदों में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करें तथा 27 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाकर गौ सम्मान के इस राष्ट्रीय संकल्प को जन-जन का अभियान बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर पूज्य ग्वाल संत गोपालानंद जी महाराज, पूज्य गोपेश बाबा, इस्कॉन मंदिर लखनऊ से अपरिमेय दास जी, अभियान के प्रदेश प्रभारी ब्रजदास जी (बरसाना), संभाग प्रभारी दीदी राधिका जी, आशु चौधरी जी, शीलू सिकरवार जी, ओम प्रकाश जी, धर्मेंद्र सिंह (फतेहपुर), रमन सिंह, रणवीर सिंह (लखनऊ), सुनील बाजपेई, अंशुमान द्विवेदी (बाराबंकी), मीना यादव जी, दुर्गेश पांडे (उन्नाव), प्रमोद पांडे (अयोध्या धाम), संतोष शुक्ला (हाईकोर्ट अधिवक्ता), शंभू अवस्थी (लखीमपुर), रणवीर जी (बाराबंकी) सहित अनेक संत, गौ-भक्त एवं अभियान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

गौ सम्मान आह्वान अभियान
जय गौ माता। जय गोपाल।

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