छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भड़के शशि थरूर, बोले- सरकार क्यों डरी? चर्चा से नहीं भागना चाहिए
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार 20 जुलाई को छात्रों का प्रदर्शन संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की बात सुननी चाहिए। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
शशि थरूर ने सरकार से पूछा- चर्चा से डर क्यों?
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को समझ नहीं आ रहा कि वह चर्चा से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास भारी बहुमत है, फिर भी वह प्रदर्शनकारियों की आवाज सुनने से क्यों डर रही है।
शशि थरूर ने कहा, "सरकार को चर्चा से डर क्यों है, पता नहीं। उनके पास बहुत ज्यादा बहुमत है, लेकिन क्यों डर रहे हैं पता नहीं। आई एम वेरी सैड। लाठीचार्ज एक तरह की हिंसा है।"
उन्होंने आगे कहा कि संसद का काम देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा करना है। संसद केवल एक नोटिस बोर्ड की तरह काम नहीं कर सकती, जहां सरकार बिल लाकर सिर्फ जानकारी दे और चर्चा न हो।
प्रदर्शनकारियों की बात सुनने की अपील
शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में बातचीत और चर्चा का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की समस्याओं को सुना जाना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने लाठीचार्ज की कार्रवाई पर दुख जताते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
खरगे ने कहा कि अगर सरकार परीक्षा आयोजित करने में सक्षम नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था को सौंप देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया।
खरगे ने पीएम मोदी से मांगी जिम्मेदारी
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अन्य मामलों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन मुद्दों की जिम्मेदारी लेने की मांग की।
फिलहाल जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है।
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