संसद में धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर सियासी घमासान, विपक्ष ने लगाए ‘पेपर चोर’ के नारे

नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान के सोमवार को संसद परिसर पहुंचते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। भाजपा सांसदों ने उनका पारंपरिक टोपी और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया और ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। वहीं विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध करते हुए ‘चोर-चोर, पेपर चोर’ के नारे लगाए। इस घटनाक्रम के बीच लोकसभा में सरकार ने नया एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया।

भाजपा के स्वागत पर विपक्ष का विरोध

संसद परिसर में धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। भाजपा सांसदों ने उनका सम्मान करते हुए समर्थन जताया, जबकि विपक्ष ने पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। पत्रकारों द्वारा इस्तीफे और नए विधेयक पर प्रतिक्रिया पूछे जाने के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह पहले बिलकिस बानो मामले के दोषियों का स्वागत किया गया था, उसी प्रकार अब धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय में आरएसएस के एजेंडे को लागू किया, इसलिए वे भाजपा और आरएसएस के लिए हीरो हैं। खेड़ा ने कहा कि देश की जनता अब उनकी वास्तविकता जान चुकी है।

शिक्षा सुधार और नई समिति पर उठे सवाल

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को केवल “कॉस्मेटिक बिल” बताया और कहा कि केवल कड़ी सजा का प्रावधान पर्याप्त नहीं है, जब तक जांच और कार्रवाई प्रभावी नहीं होगी। गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित नई हाई-पावर टास्क फोर्स पर भी सवाल उठाए और कहा कि दो वर्ष पहले के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में बनी समिति की सिफारिशों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

छात्रों पर कार्रवाई और नए कानून पर बहस

गौरव गोगोई ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तारियां हुईं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से संसद में इस मामले पर बयान देने की मांग की। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी कहा कि भाजपा धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत कर एक “दोषी व्यक्ति को हीरो” बनाने का प्रयास कर रही है।

इस बीच सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक के दोषियों को 10 वर्ष तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही ऐसे मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विधेयक नीट पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के आंदोलनों के बीच लाया गया, जिस पर विपक्ष ने संसद में जोरदार हंगामा करते हुए सरकार से जवाब मांगा।

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.