राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार CEO की एंट्री, पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली बड़ी कमान

 

अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता के साथ अब उसके प्रबंधन को भी नई धार मिलने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO का पद बनाया है और इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई है।

जिस अधिकारी ने भारतीय वायुसेना में बेहद संवेदनशील मोर्चे की कमान संभाली, अब वही अनुभव अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाओं को मजबूत करने में इस्तेमाल होगा। खास बात यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी भी जितेंद्र मिश्रा के पास थी।

आसमान की कमान के बाद अब राम मंदिर की जिम्मेदारी

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशनल कमांड से लेकर रणनीतिक स्तर तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

अब उनकी नई भूमिका पूरी तरह अलग जरूर है, लेकिन चुनौती कम नहीं। राम मंदिर में देश-विदेश से लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर का सुचारु संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना बड़ी जिम्मेदारी है।

CEO के रूप में जितेंद्र मिश्रा इसी व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

5 हजार से ज्यादा लोगों ने किया था आवेदन

इस पद को लेकर शुरुआत से ही काफी दिलचस्पी थी। रिपोर्टों के मुताबिक CEO पद के लिए 5,300 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। चयन प्रक्रिया के कई चरणों के बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया और आखिरकार जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।

यानी यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि लंबे चयन प्रक्रिया के बाद लिया गया महत्वपूर्ण फैसला है।

मंदिर के बढ़ते विस्तार के बीच बड़ा फैसला

राम मंदिर का निर्माण एक विशाल धार्मिक परियोजना के रूप में आगे बढ़ रहा है। मंदिर परिसर के विस्तार के साथ-साथ श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, सुविधाओं और प्रशासनिक जरूरतों का दायरा भी बढ़ रहा है।

ऐसे समय में ट्रस्ट के पास एक ऐसा अधिकारी होना, जिसके पास बड़े स्तर पर व्यवस्था संभालने और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाने का अनुभव हो, काफी अहम माना जा रहा है।

यही वजह है कि पूर्व एयर मार्शल की नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

ट्रस्ट में तीन नए चेहरे भी शामिल

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के रूप में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इससे साफ है कि राम मंदिर ट्रस्ट अब मंदिर के निर्माण से आगे बढ़कर उसके दीर्घकालिक संचालन और प्रबंधन को लेकर भी अपनी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

अब नजर नई जिम्मेदारी पर

राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। ऐसे में मंदिर का प्रबंधन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील दायित्व भी है।

भारतीय वायुसेना में आसमान की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल चुके जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे।

अब देखना दिलचस्प होगा कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह नया रूप लेती है।

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