राहुल-अखिलेश की याचिका में 14 खामियां! वोटर लिस्ट पर सियासी संग्राम तेज

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और कथित गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। लेकिन इस याचिका पर सुनवाई की राह में शुरुआती अड़चनें सामने आई हैं।बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं। इनमें पहचान पत्र की अस्पष्ट कॉपी, याचिकाकर्ताओं की सहमति, दस्तावेजों की कमी और कोर्ट फीस से जुड़ी आपत्तियां शामिल हैं। जैसे - 

याचिका के लिस्टिंग फॉर्म में प्रतिवादी के नाम से जुड़ी गलती।

याचिका के पेज नंबर 9 पर प्रतिवादियों के विवरण में गड़बड़ी।

निजी व्यक्तियों को प्रतिवादी बनाने पर सवाल।

पुराने अदालती फैसले की कॉपी संलग्न नहीं की गई।

नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं मिले।

मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी धुंधली थी।

कुछ दस्तावेजों के पन्ने पढ़ने योग्य नहीं थे।

पेज नंबर 57 और 64 की रंगीन प्रतियां जमा नहीं की गईं।

एक संलग्न दस्तावेज में केस नंबर से जुड़ी गड़बड़ी बताई गई।

संबंधित डिजिटल दस्तावेज के लिए पेन ड्राइव जमा करने को कहा गया।

कुछ पन्नों का फॉन्ट बहुत छोटा था।

कुछ पन्ने गायब थे।

पन्नों की नंबरिंग में गड़बड़ी थी।

क्षेत्रीय भाषा में दिए गए दस्तावेजों के साथ अनुवाद और अन्य जरूरी औपचारिकताओं पर आपत्ति दर्ज की गई।

दरसल विपक्षी नेताओं ने याचिका में मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित की जाए। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने का प्रस्ताव है।समिति तय समयसीमा के भीतर SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों और किए गए बदलावों का स्वतंत्र ऑडिट करे। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं।

वहीं सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले बाराखंभा रोड और तिलक मार्ग थानों में दर्ज किए गए हैं।

 फिलहाल आज शाम राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को अपने सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर चाय पर चर्चा के लिए बुलाया है।बैठक में कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ संयुक्त विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर चर्चा होने की उम्मीद है। इससे पहले विपक्षी सांसद प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।अब नजर इस बात पर है कि याचिका में बताई गई खामियां दूर होने के बाद मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और SIR को लेकर विपक्ष की कानूनी व राजनीतिक लड़ाई क्या मोड़ लेती है।

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