बांग्लादेश में हिंदू नेता की हत्या ने मचाई अंतरराष्ट्रीय हलचल, भारत और अमेरिका ने दी कड़ी प्रतिक्रिया


बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार एक बार फिर दुनिया के सामने उजागर हो गए हैं। हिंदू समुदाय के प्रमुख नेता भाबेश चंद्र रॉय की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई — एक घटना जिसने न केवल भारत, बल्कि अमेरिका तक को झकझोर दिया है।

बांग्लादेश में हिंदू नेता भाबेश चंद्र रॉय की हत्या पर भारत की कड़ी  प्रतिक्रिया - News18 हिंदी

भारत सरकार ने इस वीभत्स हत्या पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि यह घटना बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के दौरान हिंदू अल्पसंख्यकों के "सुनियोजित उत्पीड़न" का हिस्सा है। यह कोई पहली बार नहीं है — पहले भी ऐसी घटनाओं के आरोपी खुलेआम घूमते रहे हैं, और यही चुप्पी आज एक और जान ले गई।

"भारत इस निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करता है," विदेश मंत्रालय ने कहा। उन्होंने बांग्लादेश सरकार को याद दिलाया कि उसकी पहली जिम्मेदारी है – देश में मौजूद सभी अल्पसंख्यकों की, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों, सुरक्षा सुनिश्चित करना, और वह भी बिना किसी भेदभाव या बहाने के।

अमेरिका ने भी दी चेतावनी: चटगांव हिल ट्रैक्ट्स से रहें दूर

इस घटना के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को भी अलर्ट कर दिया है। अमेरिका ने साफ चेतावनी दी है: "बांग्लादेश में अशांति, आतंकवाद और अपराध का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।" विशेष रूप से चटगांव हिल ट्रैक्ट्स – यानी खागराचारी, रंगमती और बांदरबन – को बेहद संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है। इन इलाकों में अमेरिका ने लेवल 4 की ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जो उच्चतम स्तर की चेतावनी मानी जाती है।

इन पहाड़ी क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा, अलगाववादी गतिविधियां, अपहरण और आतंक की घटनाएं बढ़ी हैं। कई मामलों में धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि यहां यात्रा करने के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय से विशेष अनुमति लेना ज़रूरी हो गया है।

यह पूरी घटना केवल एक हत्या नहीं है — यह एक अलार्म बेल है। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा आज एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुकी है, और अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।

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