मीडिया पर कथित टिप्पणी से बवाल, पत्रकारों में रोष; निष्पक्ष जांच की मांग तेज
भरतपुर - जिले की एक पंचायत समिति में कार्यरत ग्राम सचिव द्वारा मीडिया कर्मियों पर कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस घटना के बाद पत्रकारों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्ष और निर्भीकता से जनता के सामने लाना है। ऐसे में मीडिया पर कथित रूप से अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी करना केवल पत्रकारों का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी अपमान है।
पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि पत्रकारों को भय या दबाव में रखकर जनहित के मुद्दों को नहीं रोका जा सकता। इस घटना को लेकर स्थानीय पत्रकार संगठनों में भी नाराजगी है और वे प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। फिलहाल संबंधित ग्राम सचिव की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्टर - देवेन्द्र सोलंकी
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