घाटरी जोन में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अवैध खनन और क्रेशरों के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना, गूंजा नारा— "न्याय दो या मार दो"

भरतपुर : जिले के घटरी जोन में कथित अवैध खनन और बड़ी संख्या में संचालित क्रेशरों के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश अब उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है। वर्षों से धूल, प्रदूषण, ओवरलोड वाहनों और लगातार हो रहे खनन से परेशान ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, किसान और युवा एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई क्रेशरों से उड़ने वाली धूल ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें धूल की परत से खराब हो रही हैं, सड़कों पर ओवरलोड वाहनों के कारण हादसों का खतरा बना रहता है और प्रदूषण से लोगों में सांस एवं अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायतें देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने दो टूक कहा— "हमें न्याय दो या मार दो।" प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रभावशाली खनन माफिया के सामने आम जनता की आवाज दबाई जा रही है और कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन मिलते रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक कथित अवैध खनन और नियमों के विरुद्ध संचालित क्रेशरों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अब इस पूरे मामले ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कथित अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या प्रदूषण फैलाने वाले क्रेशरों पर लगाम लगेगी? क्या किसानों की बर्बाद होती फसलों, बिगड़ते पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी तय होगी? ये सवाल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
कृष्ण न्यूज़ इस जनहित से जुड़े मुद्दे पर लगातार अपनी नजर बनाए हुए है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब पूरे जिले की निगाहें टिकी हैं। यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी परीक्षा भी बन सकता है।

रिपोर्टर : देवेन्द्र 

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