बारिश बनी आफत: कामवारी नदी में दो किशोर बह गए, एक का शव मिला; जर्जर इमारत का छज्जा गिरने से महिला घायल
भिवंडी : भिवंडी में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर में बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। कामवारी नदी में दो नाबालिगों के बह जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है। इनमें एक बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे किशोर की तलाश के लिए पुलिस और बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। वहीं, एक जर्जर इमारत का छज्जा गिरने से राहगीर महिला घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, म्हाडा कॉलोनी निवासी मोहम्मद आतिफ शेख (11) शनिवार दोपहर कामवारी नदी किनारे कचरा फेंकने गया था, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटा। रविवार सुबह नदी का जलस्तर कम होने पर उसका शव नाले के समीप बरामद हुआ। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एक अन्य घटना में 17 वर्षीय मोहम्मद अपने तीन दोस्तों के साथ सांवदा गांव के पास कामवारी नदी में नहाने गया था। अचानक नदी का तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया। स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और बचावकर्मी उसकी तलाश में लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।
इधर, समरूबाग स्थित बाबूचुन्नी वाली बिल्डिंग के समीप मकान संख्या 751/0 का जर्जर छज्जा रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय सड़क से गुजर रही एक महिला इसकी चपेट में आकर घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बताया गया कि नगर निगम ने इस भवन को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था, लेकिन जमीन मालिकों के आपसी विवाद और न्यायालय से मिले स्थगन आदेश (स्टे) के कारण इमारत को खाली नहीं कराया जा सका।
लगातार बारिश ने शहर की सड़कों की भी पोल खोल दी है। मानसून पूर्व करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए मरम्मत कार्य के बावजूद कई प्रमुख सड़कें उखड़ गई हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजीव गांधी उड़ान पुल और स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे उड़ान पुल पर जल निकासी व्यवस्था ठप होने से पुलों पर पानी भर गया है। कई स्थानों पर पुल से झरने की तरह पानी नीचे गिर रहा है, जिससे विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
उधर, भिवंडी मनपा आयुक्त अनमोल सागर जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। प्रभाग समिति क्रमांक-5 के अंतर्गत आने वाले म्हाडा कॉलोनी, संगम पाड़ा, तीन बत्ती, शिवाजी चौक, बंदर मोहल्ला, गुलजार होटल और टिलक घाट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन इलाकों का वर्षा जल कामवारी नदी में जाकर मिलता है, लेकिन खाड़ी में ज्वार आने पर पानी की निकासी रुक जाने से निचले क्षेत्रों में हर वर्ष की तरह इस बार भी गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
संवाददाता : मुस्तकीम खान
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