भोपाल मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में 'महा-चोरी', घर से ट्रॉफियां और मोमेंटो चोरी!
भोपाल से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक हड़कंप मचा दिया है! सोचिए, जिस शहर की कमान पुलिस के हाथ में हो और जिस बंगले की सुरक्षा में 24 घंटे बंदूकधारी गार्ड तैनात हों, क्या वहाँ कोई परिंदा भी पर मार सकता है? जी नहीं! लेकिन भोपाल में चोरों ने इस मुगालते को पालने वालों के होश उड़ा दिए हैं। सूबे के कद्दावर मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में घुसकर चोरों ने ऐसी सफाई दिखाई है कि अब खाकी वर्दी पर सवालिया निशान लग गए हैं। आखिर कौन थे वो बेखौफ चोर जिन्होंने मंत्री जी के घर को ही अपना निशाना बना लिया? क्या ये सिर्फ चोरी है या सुरक्षा व्यवस्था को दी गई खुली चुनौती? आइए देखते हैं इस रिपोर्ट में!
मध्य प्रदेश की राजनीति का पावर सेंटर कहा जाने वाला इलाका और मंत्री विश्वास सारंग का हाई-प्रोफाइल बंगला... जहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है। लेकिन चोरों ने इन दावों की धज्जियां उड़ा दीं। जानकारी के मुताबिक, चोरों ने बंगले के मुख्य हिस्से के बजाय बाहर बने स्टोर रूम को निशाना बनाया। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जिस वक्त ये वारदात हुई, बंगले के बाहर सुरक्षा गार्ड मुस्तैद थे, लेकिन चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें किसी की आहट तक महसूस नहीं हुई।
चोरों ने यहाँ से कोई नकद या जेवरात नहीं, बल्कि मंत्री विश्वास सारंग के जीवन की अनमोल ट्रॉफियां और कीमती मोमेंटो पार कर दिए। ये वो सम्मान थे जो मंत्री जी को अलग-अलग मंचों पर उनकी उपलब्धियों के लिए मिले थे। ये सामान उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास थे। चोर बेखौफ अंदाज में स्टोर रूम का ताला तोड़कर घुसे और बड़ी ही तसल्ली से सारा कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए। सुबह जब स्टोर रूम का दरवाजा खुला देखा गया, तब जाकर इस 'महा-सेंधमारी' का खुलासा हुआ।
जैसे ही चोरी की खबर फैली, भोपाल पुलिस के आला अधिकारी मौके पर दौड़ पड़े। सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर टीटी नगर थाना में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब बंगले और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों को खंगाल रही है। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने भी मौके से उंगलियों के निशान (Fingerprints) जुटाए हैं। पुलिस का दावा है कि चोर जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे, लेकिन सवाल ये है कि जब मंत्री का घर ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या?
ये चोरी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। जब एक हाई-सिक्योरिटी जोन में मंत्री के घर से सामान चोरी हो सकता है, तो क्या भोपाल की सड़कों पर आम आदमी सुरक्षित महसूस कर सकता है? राजधानी के लोग अब डरे हुए हैं कि अगर चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वो मंत्री के घर में घुसने से नहीं कतरा रहे, तो फिर आम नागरिक की क्या बिसात? मंत्री विश्वास सारंग के घर हुई इस चोरी ने पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। क्या पुलिस इन 'स्मार्ट' चोरों को पकड़ पाएगी? या फिर ये ट्रॉफियां किसी कबाड़ी के बाजार में गुम हो जाएंगी?

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