बिहार बोर्ड ने फिर कर दिखाया! इस बार 'बिटिया' बनीं नंबर-1
बिहार की 'सुपरफास्ट' खबर ने पूरे देश को हैरान कर दिया है! जी हां, बिहार बोर्ड (BSEB) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे 'रफ्तार का किंग' क्यों कहा जाता है। 15 फरवरी को शुरू हुई परीक्षा और मार्च खत्म होते-होते परिणाम आपके हाथ में! जब दूसरे बोर्ड अभी तैयारी ही कर रहे हैं, तब बिहार के 16 लाख छात्रों का भविष्य स्क्रीन पर चमक रहा है। तो कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि इस बार के नतीजों में बेटियों ने जो हुंकार भरी है, उसने पूरे सूबे को गौरवान्वित कर दिया है!
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने आज 10वीं के नतीजों का ऐलान कर इतिहास के पन्नों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। 23 मार्च को इंटर के धमाके के बाद, अब मैट्रिक के छात्रों की बारी थी।
कुल परीक्षार्थी: लगभग 16.4 लाख छात्र।
परीक्षा केंद्र: 1,500 से अधिक।
रिकॉर्ड: परीक्षा खत्म होने के मात्र 12 दिनों के भीतर कॉपियों की जांच पूरी कर ली गई।
सफलता का ग्राफ: पिछले साल का रिकॉर्ड 82.91% था, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 85% के पार जाने की पूरी उम्मीद है!
इस साल का रिजल्ट 'महिला सशक्तिकरण' की जीती-जागती मिसाल है। टॉप की कुर्सी पर बेटियों ने कब्ज़ा जमाया है:
प्रथम स्थान (Top 1): पुष्पांजलि कुमारी – जमुई के गौरव सिमुलतला आवासीय विद्यालय की छात्रा पुष्पांजलि ने पूरे बिहार में डंका बजाते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है।
द्वितीय स्थान (Top 2): सबरीन परवीन – वैशाली जिले की सबरीन ने अपनी मेहनत से टॉप-2 में जगह बनाई है।
द्वितीय स्थान (साझा): नाहिद सुल्ताना – बेगूसराय की नाहिद सुल्ताना ने 489 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से दूसरी टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है।
मेहनत का फल सिर्फ मीठा नहीं, बल्कि 'नकद' भी होता है! बिहार सरकार अपने होनहारों को मालामाल करने वाली है:
पहला टॉपर: 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार।
दूसरा टॉपर: 1.5 लाख (डेढ़ लाख) रुपये।
तीसरा टॉपर: 1 लाख रुपये।
(साथ में लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर जैसे इनाम भी शामिल हैं)
कैसे देखें अपना स्कोरकार्ड? (Step-by-Step Guide)
अगर आपने अभी तक अपना रिजल्ट चेक नहीं किया है, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
वेबसाइट पर जाएं: result.biharboardonline.org या [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर लॉगिन करें।
लिंक खोजें: 'Annual Secondary Examination Result 2026' पर क्लिक करें।
डिटेल्स भरें: अपना रोल नंबर और रोल कोड डालें।
कैप्चा कोड: स्क्रीन पर दिख रहे कोड को भरें और सबमिट दबाएं।
प्रिंट लें: आपकी मार्कशीट सामने होगी, इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें।
तो ये थी बिहार बोर्ड की वो 'सुनामी' जिसने सफलता के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। उन सभी छात्रों को बहुत-बहुत बधाई जिन्होंने इस परीक्षा को फतह किया है, और जो थोड़े नंबरों से चूक गए, याद रखिएगा—एक कागज का टुकड़ा आपका भविष्य तय नहीं कर सकता! बिहार की मिट्टी में वो ज़ज्बा है जो गिरकर संभलना जानता है। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर और उनकी पूरी टीम को इस 'सुपरफास्ट' डिलीवरी के लिए सलाम!
No Previous Comments found.