3 राज्यों के उपचुनाव के नतीजे: बिहार में PK, MP में कांग्रेस, गुजरात में BJP
बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन अहम विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे आ गए हैं। इस संग्राम में सबसे बड़ा सियासी धमाका बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर सीट पर हुआ है, जहां बीजेपी के अजेय किले को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी राजनीतिक पारी का पहला चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है! वहीं, मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस ने बाजी मारी है, तो गुजरात के मांजलपुर में बीजेपी अपना दबदबा बरकरार रखने में कामयाब रही है।
दरअसल, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर सीट पर जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी के प्रत्याशी नीरज कुमार 44,827 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। आपको बता दें बांकीपुर में बीजेपी के अजेय किले के ढहने के कई कारण माने जा रहे हैं, जैसे..नीतीश कुमार का सीएम पद छोड़ना, सम्राट चौधरी का नया नेतृत्व, भरत तिवारी एनकाउंटर कांड, रविशंकर प्रसाद के कथित बयान का नैरेटिव और सत्ता और मुख्य विपक्ष से मोहभंग।
वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी के आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट प्राप्त हुए। बीजेपी ने यहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया था, लेकिन वे नरोत्तम मिश्रा के अपने पोलिंग बूथ पर भी जीत दर्ज नहीं कर सके। इस चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दामोदर यादव ने 22,527 वोट हासिल कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया।
वहीं भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले गुजरात की मांजलपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा। बीजेपी के सतेन्द्रभाई पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। कुल मिलाकर, 30 जुलाई को हुए इन उपचुनावों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि जहां गुजरात में बीजेपी और एमपी में कांग्रेस ने अपनी पकड़ साबित की, वहीं बिहार में प्रशांत किशोर के उभार ने राज्य की पारंपरिक राजनीति में हलचल मचा दी है। बांकीपुर की हार अब एनडीए और बीजेपी के लिए एक बड़े मंथन का विषय बन गई है।
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