बिहार: 85 वर्ष से अधिक उम्र और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर बैठे मतदान
बिहार चुनाव 2025 में प्रशासन ने एक खास पहल की है। जिले के 85 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाता अब घर बैठे अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। जी हाँ, पोस्टल बैलेट या डाक मतपत्र के माध्यम से बुधवार और गुरुवार को ये मतदाता अपने वोट डाल सकते हैं। इस सुविधा के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी और जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने पूरी तैयारी कर ली है। आइए जानते हैं, कैसे प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि हर मतदाता तक यह सुविधा पहुंचे।
जिले में कुल 75 भ्रमण मतदान टीमों के साथ 14 सुरक्षित टीमें गठित की गई हैं। सभी टीमों को प्रशिक्षण दिया गया और वाहन, मतदान सामग्री, अमिट स्याही, ग्लू स्टिक, मतपत्र लिफाफा और कैनवस बैग जैसी सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई गई हैं। 85 वर्ष से अधिक उम्र के और दिव्यांग मतदाता जिन्होंने आवेदन किया है, उन्हें घर पर डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। जो मतदाता आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे निर्धारित बूथ पर जाकर मतदान कर सकते हैं। सभी मतदान केंद्र भू-तल पर हैं और रैंप की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
मतदान दल में मतदान पदाधिकारी, माइक्रो आब्जर्वर, फोटोग्राफर और पुलिसकर्मी शामिल होंगे। मतदाता को मतदान दल के आगमन की पूर्व सूचना वाट्सएप, एसएमएस या डाक के माध्यम से दी जाएगी। दृष्टिबाधित मतदाता किसी वयस्क स्वजन की मदद ले सकते हैं, लेकिन राजनीतिक दल या प्रत्याशी का सहयोगी नहीं बन सकता।
हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग संख्या में मतदान दल नियुक्त किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर:
दीघा: 11 मतदान दल + 1 सुरक्षित टीम
बिक्रम: 8 मतदान दल + 1 सुरक्षित टीम
फुलवारी: 7 मतदान दल + 1 सुरक्षित टीम
अन्य क्षेत्रों में 3-5 मतदान दल + 1 सुरक्षित टीम।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए जिम्मेदार मतदान अधिकारी और माइक्रो आब्जर्वर भी निर्धारित हैं। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। इस पहल से यह सुनिश्चित होगा कि उम्रदराज और दिव्यांग मतदाता भी अपने मत का अधिकार पूरी तरह सुरक्षित और आराम से उपयोग कर सकेंगे। प्रशासन की यह लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि हर नागरिक को मतदान का अवसर बराबरी से मिलना चाहिए।

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