बिजनौर हनुमान मंदिर में डॉगी की ‘भक्ति’ पर सवाल? साइंस का जवाब, डॉक्टर्स की सख्त चेतावनी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नंदपुर गांव में स्थित हनुमान मंदिर में एक कुत्ते का व्यवहार इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदिर परिसर में वह कुत्ता लगातार हनुमान प्रतिमा की परिक्रमा करता नजर आ रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
इस मामले पर भोपाल के एक पशु चिकित्सक ने इसे किसी चमत्कार से जोड़ने से इंकार किया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कुत्ते की चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी है। डॉक्टर के अनुसार, ऐसा व्यवहार किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।हालांकि, दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इस घटना को आस्था और भक्ति से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ श्रद्धालु तो कुत्ते को भैरव बाबा का अवतार मानकर उसकी पूजा-अर्चना तक करने लगे हैं। इस वजह से दूर-दूर के इलाकों से भी लोग मंदिर पहुंच रहे हैं।
पशु विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जानवर का लंबे समय तक या लगातार एक ही दिशा में घूमते रहना सामान्य व्यवहार नहीं माना जाता। यह किसी गंभीर शारीरिक या मानसिक बीमारी का संकेत हो सकता है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. एस.के. श्रीवास्तव के अनुसार, इस तरह की हरकतें कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्या, दिमागी संक्रमण या शरीर के संतुलन तंत्र में खराबी के कारण भी देखने को मिलती हैं। ऐसे मामलों में बिना उचित जांच और इलाज के इसे आस्था या चमत्कार से जोड़ना न केवल गलत है, बल्कि यह जानवर और लोगों दोनों के लिए खतरे की वजह बन सकता है।
उन्होंने सलाह दी कि कुत्ते को सावधानीपूर्वक पकड़कर नजदीकी पशु अस्पताल ले जाया जाए और उसकी पूरी जांच कराई जाए। साथ ही अगर किसी व्यक्ति को कुत्ते के काटने या नाखून से खरोंच भी आई हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर रेबीज से बचाव का टीका लगवाना चाहिए।
बिजनौर के नंदपुर गांव में क्या हो रहा है
बिजनौर जिले की नगीना तहसील के नंदपुर गांव में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर में 11 जनवरी से एक कुत्ता लगातार मूर्ति की परिक्रमा करता देखा गया. चौंकाने वाली बात यह है कि परिक्रमा के दौरान कुत्ता न तो ठीक से खाना खा रहा है और न ही पानी पी रहा है. मंदिर परिसर में भीड़ बढ़ती जा रही है. लोग वीडियो बना रहे हैं और सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.
पशु चिकित्सक क्यों जता रहे हैं चिंता
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. एस.के. श्रीवास्तव के मुताबिक, इस तरह का व्यवहार भक्ति से नहीं बल्कि किसी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुत्तों के कान के भीतर मौजूद वेस्टिबुलर सिस्टम शरीर का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
यदि इस प्रणाली में संक्रमण, सूजन या ट्यूमर हो जाए, तो कुत्ता लगातार एक ही दिशा में घूमने लगता है। इसके अलावा, दिमाग में सूजन या दबाव बनने की स्थिति में भी ऐसा असामान्य व्यवहार देखने को मिल सकता है।
साइंस क्या कहती है. संभावित कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के व्यवहार के पीछे कई वैज्ञानिक वजहें हो सकती हैं.
वेस्टिबुलर डिसऑर्डर से संतुलन बिगड़ना
ब्रेन ट्यूमर या न्यूरोलॉजिकल इंफेक्शन
केनाइन डिस्टेंपर जैसी संक्रामक बीमारी
रेबीज की शुरुआती अवस्था
गंभीर मानसिक तनाव या भ्रम की स्थिति


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