साइकिल की रफ्तार या कमल का पलटवार? बिसौली विधानसभा सीट पर हर पाँच साल में बदल जाती है हवा!

सियासत के गलियारों में जब भी बदायूं का जिक्र होता है, तो बदायूं लोकसभा के तहत आने वाली बिसौली विधानसभा सीट (संख्या 112) का नाम आते ही सियासी तापमान अपने आप उबलने लगता है। आरक्षित (SC) कोटे वाली यह सीट किसी राजनीतिक अखाड़े से कम नहीं है, जहां हर पाँच साल में जनता ऐसा सियासी उलटफेर करती है कि बड़े-बड़े दिग्गजों के होश उड़ जाते हैं। कभी यहाँ साइकिल इतनी रफ्तार से दौड़ी कि विरोधियों को धूल चाटनी पड़ी, तो कभी कमल ऐसा खिला कि सत्ता की बाजी ही पलट गई। 2012 से 2022 तक के तीन चुनावों की कहानी एक ऐसा थ्रिलर ड्रामा है, जिसमें हर बार क्लाइमेक्स बिल्कुल नया रहा है! आइए, हमारे साथ इस सियासी सफर पर और जानिए कि बिसौली के रण में असल में चल क्या रहा है!

साल 2012 का विधानसभा चुनाव यानी जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की हवा का बवंडर चल रहा था। बिसौली के मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी ने अपने तीर ऐसे छोड़े कि बाकी दल देखते रह गए। सपा के टिकट पर मैदान में उतरे आशुतोष मौर्य उर्फ राजू ने यहां चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

किसको मिले कितने वोट:

विजेता (SP): आशुतोष मौर्य उर्फ राजू -89,457 वोट

दूसरे स्थान पर (BSP): प्रीति सागर उर्फ पुष्पा रानी -46,467 वोट

तीसरे स्थान पर (BJP): मेजर कैलाश सागर -40,866 वोट

कांग्रेस प्रत्याशी: राजा राम कोरी -12,585 वोट

जीत का अंतर: 42,990 वोट

लगभग 57.86 प्रतिशत मतदान के साथ, जनता ने खुलकर आशुतोष मौर्य पर भरोसा जताया। उन्होंने बसपा उम्मीदवार को 43 हजार वोटों के भारी-भरकम अंतर से रौंदकर बिसौली की गद्दी पर कब्जा जमाया। यह जीत उस समय सपा के लिए एक बहुत बड़ा टॉनिक साबित हुई थी।

वक़्त बदला, मिजाज बदला और साल 2017 आते-आते पूरे उत्तर प्रदेश में मोदी लहर का जादू सिर चढ़कर बोलने लगा। बिसौली में भी वही हुआ जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। पिछली बार भारी अंतर से हारने वाली भाजपा ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी और मैदान में उतरे कुशाग्र सागर ने बाजी अपने पाले में खींच ली।

किसको मिले कितने वोट:

विजेता (BJP): कुशाग्र सागर -1,00,287 वोट

दूसरे स्थान पर (SP): आशुतोष मौर्य उर्फ राजू -89,599 वोट

तीसरे स्थान पर (BSP): मेजर कैलाश सागर -32,398 वोट

जीत का अंतर: 10,688 वोट

लगभग 59.07 प्रतिशत मतदान के बीच, बीजेपी के कुशाग्र सागर ने एक लाख का जादुई आंकड़ा पार करते हुए 1,00,287 वोट झटके। उन्होंने मौजूदा विधायक आशुतोष मौर्य को 10,688 वोटों के अंतर से शिकस्त दी और 2012 की हार का बदला लेते हुए बिसौली में कमल खिला दिया।

और अब बात करते हैं साल 2022 के उस महासंग्राम की, जिसने बिसौली के इतिहास में सबसे रोमांचक पन्ना जोड़ा। यह मुकाबला कोई साधारण चुनाव नहीं था, बल्कि दो सियासी दिग्गजों के बीच आर-पार की खूनी जंग थी। एक तरफ थे बीजेपी के विधायक कुशाग्र सागर, तो दूसरी तरफ अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए उतरे सपा के पुराने धुरंधर आशुतोष मौर्य उर्फ राजू।

किसको मिले कितने वोट:

विजेता (SP): आशुतोष मौर्य उर्फ राजू -1,10,569 वोट

दूसरे स्थान पर (BJP): कुशाग्र सागर -1,08,735 वोट

तीसरे स्थान पर (BSP): जयपाल सिंह -23,454 वोट

जीत का अंतर: मात्र 1,834 वोट

लगभग 59.34 प्रतिशत मतदान के साथ, वोटों की गिनती के दौरान हर राउंड पर राजनीतिक दलों की सांसें अटकी हुई थीं। अंत में, सपा के आशुतोष मौर्य ने बीजेपी के कुशाग्र सागर को महज 1,834 वोटों के बेहद मामूली अंतर से मात दी! एक लाख से ज्यादा वोट पाने के बावजूद बीजेपी यह सीट हार गई और आशुतोष मौर्य ने शानदार वापसी करते हुए अपनी सीट वापस छीन ली। 

अब जब निगाहें आने वाले चुनावों पर टिकी हैं, तो बिसौली की चौपालों और गलियों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार केवल नारों और वादों से काम नहीं चलने वाला है, जनता इन तीखे स्थानीय सवालों पर अपने नुमाइंदों का रिपोर्ट कार्ड चेक करने को तैयार बैठी है। 

तो, बिसौली विधानसभा सीट की यह कहानी साफ बयां करती है कि यहाँ की जनता किसी एक पार्टी की बंधक नहीं है। यहाँ लोकतंत्र का तराजू हर पाँच साल में पूरी निष्पक्षता से हिलता है, कभी साइकिल की रफ्तार भारी पड़ती है, तो कभी कमल का फूल अपनी जड़ें मजबूत कर लेता है। आने वाले सियासी दंगल में कौन बाजी मारेगा और इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा, यह देखना वाकई बेहद दिलचस्प होगा। 

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