बॉलीवुड में भी दिखता है भेदभाव? सुनीता राजवार और जतिन नेगी ने साझा किए सेट के अनुभव

फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे कई ऐसे पहलू भी हैं जिन पर कम चर्चा होती है। हाल ही में अभिनेत्री सुनीता राजवार और अभिनेता जतिन नेगी ने बताया कि छोटे और सहायक कलाकारों को सेट पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

सुनीता राजवार, जिन्हें वेब सीरीज पंचायत में क्रांति देवी के किरदार के लिए जाना जाता है, और अभिनेता जतिन नेगी ने एक इंटरव्यू में इंडस्ट्री के भीतर मौजूद असमानताओं पर खुलकर बात की।

रोल के आधार पर तय होता है सम्मान

जतिन नेगी के अनुसार, बड़े कलाकारों और कैरेक्टर आर्टिस्ट्स के बीच सुविधाओं में काफी अंतर होता है। उन्होंने कहा कि मुख्य कलाकारों को कई वैनिटी वैन और व्यक्तिगत स्टाफ उपलब्ध कराया जाता है, जबकि सहायक कलाकारों को अक्सर सुविधाएं साझा करनी पड़ती हैं। कई बार बैकग्राउंड कलाकारों को एक ही वैनिटी वैन में कई लोगों के साथ रहना पड़ता है।

सुनीता राजवार ने भी कहा कि सेट पर अक्सर पूरा ध्यान लीड कलाकारों पर रहता है। छोटे किरदार निभाने वाले कलाकारों को उतनी प्राथमिकता नहीं मिलती और कई बार बुनियादी जरूरतों के लिए भी उन्हें संघर्ष करना पड़ता है।

खाने में भी अलग-अलग कैटेगरी

जतिन ने दावा किया कि कई बड़े प्रोडक्शन हाउसों में खाने की व्यवस्था भी कलाकारों की श्रेणी के अनुसार की जाती है। उनके मुताबिक सेट पर A, B और C कैटेगरी बनाई जाती हैं।

  • A कैटेगरी में मुख्य और वरिष्ठ कलाकार शामिल होते हैं।
  • B और C कैटेगरी में सहायक तथा बैकग्राउंड कलाकारों को रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग श्रेणियों के लिए खाने की गुणवत्ता और बैठने की व्यवस्था में भी अंतर देखा जाता है। कुछ मामलों में जूनियर कलाकारों को सेट से दूर जाकर खाना खाना पड़ता है और उनके लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था भी नहीं होती।

व्यक्तिगत अनुभव ने किया निराश

जतिन ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें खाने के लिए मुख्य क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। बाद में उन्हें अलग स्थान पर जाकर भोजन करना पड़ा, जिससे उन्हें खुद को अलग-थलग महसूस हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि छोटे कलाकारों के लिए चाय या कॉफी जैसी सामान्य सुविधाएं भी कई बार आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं।

भुगतान में भी असमानता

जतिन ने बताया कि लीड कलाकारों को बड़ी रकम मिलती है, जबकि सहायक कलाकारों के भुगतान में अक्सर देरी होती है। उनका कहना था कि छोटी भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों के लिए उचित मेहनताना हासिल करना भी आसान नहीं होता।

सम्मान की कमी से छोड़ दी थी एक्टिंग

सुनीता राजवार ने बताया कि करियर के दौरान कई बार उन्हें ऐसे अनुभव हुए जिनसे वे बेहद आहत हुईं। उन्होंने कहा कि कास्टिंग से जुड़े लोगों द्वारा कई बार कलाकारों को भूमिका के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जाती। इन परिस्थितियों से परेशान होकर उन्होंने एक समय अभिनय छोड़ने का भी फैसला कर लिया था।

बड़े सितारों की सराहना

हालांकि जतिन ने यह भी कहा कि कई बड़े सितारे छोटे कलाकारों का पूरा सम्मान करते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके लिए आवाज भी उठाते हैं। उन्होंने एक घटना साझा की जिसमें एक सुपरस्टार ने एक जूनियर कलाकार की मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रोडक्शन टीम को तुरंत व्यवस्था करने के लिए कहा था।

इंडस्ट्री में बराबरी की उम्मीद

दोनों कलाकारों का मानना है कि इंडस्ट्री में हर कलाकार को उसकी भूमिका के आकार से नहीं, बल्कि उसके काम और इंसान होने के आधार पर सम्मान मिलना चाहिए। उनका कहना है कि काम का माहौल तभी बेहतर बन सकता है जब सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए।

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